सूर्यकांत कमल,
चतरा: आज प्रदेश में कोरोना संक्रमण सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है. इसके लगातार बढ़ते मामलों के बीच लोगों को घरों में रखना न सिर्फ सरकार के लिए दांतो तले चने चबाना है बल्कि किसी की भूख से मौत ना हो इसके लिए भी चलाए जा रहे अभियान पर पैनी नजर बनाए रखनी है लेकिन सरकार की इन दो महत्वपूर्ण योजनाओं पर आज उनके ही लापरवाह नुमाइंदों के कारण सवाल खड़े होने लगे हैं.
एक ओर जहां सरकार कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए लोगों से घरों में रहने की अपील कर रही है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की लापरवाही के कारण ग्रामीण अब लॉकडाउन को चुनौती पेश करते हुए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं. जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गिद्धौर प्रखंड के पहरा पंचायत के ग्रामीण पेट की भूख मिटाने के लिए आंदोलन करने को विवश हैं.
दरअसल मामला जन वितरण प्रणाली के दुकानदार की लापरवाही से जुड़ा है. ग्रामीणों ने 15 दिन पूर्व गांव की डीलर खुशबू देवी को सरकार द्वारा गरीबों के बीच वितरण करने को ले आवंटित किया गया सरकारी चावल की कालाबाजारी करते रंगे हाथ पकड़ा था जिसके बाद बीडीओ को मौके पर बुलाकर ना सिर्फ कालाबाजारी का पांच क्विंटल अनाज ग्रामीणों ने प्रखंड प्रशासन को सौंप दिया था बल्कि आरोपी डीलर के विरुद्ध कार्रवाई की भी मांग की थी क्योंकि ग्रामीणों ने पूर्व में भी उक्त डीलर को रात के अंधेरे में चावल कालाबाजारी करते अंधेरे में रंगे हाथ पकड़ा था लेकिन इस बार भी प्रखंड प्रशासन ने महज डीलर के विरुद्ध एफआईआर कर उसे निलंबित करते हुए कोरम पूरा कर दिया.
प्रखंड प्रशासन की इस कार्रवाई से ग्रामीण खासे नाराज हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार बीडियो महज निलंबन का कोरम पूरा कर डीलर संरक्षण को दे रही हैं. ऐसे में डीलर की अनुज्ञप्ति रद्द करने की मांग को लेकर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला आपूर्ति पदाधिकारी विपिन दुबे से भी मिला लेकिन डीएसओ ने कार्यवाही की बात तो दूर ग्रामीणों से मिलने से भी इंकार कर दिया.
ऐसे में ग्रामीण आक्रोशित हो गए और वापस लौटकर मुखिया से डीलर की अनुज्ञप्ति तत्काल प्रभाव से रद्द कराने की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा है कि अगर जिले के आला अधिकारी मामले में हस्तक्षेप कर गरीबों के निवाले पर डाका डालने वाले डीलर पर त्वरित कार्यवाही नहीं करते हैं तो हम ग्रामीण बाध्य होकर लॉकडाउन तोड़ते हुए सड़क पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे. गांव के सैंकड़ो पुरुष और महिला ग्रामीणों ने इस बाबत जिला प्रशासन को पैदल रांची मार्च करते हुए सीएम आवास का घेराव करने की भी चेतावनी दी है. ग्रामीणों ने कहा है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो रांची में सीएम आवास का घेराव करते हुए उग्र आंदोलन करेंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी. इस मामले में ग्रामीणों ने सूबे के श्रम एवं नियोजन मंत्री सत्यानंद भोक्ता और सिमरिया विधायक किसुन कुमार दास से भी मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की है.
हर हाल में होगी नियमसंगत कार्रवाई, सब्र रखें ग्रामीण : एसडीओ
हालांकि मामले को सिमरिया एसडीओ दीपू कुमार ने गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा है कि मामले में हर हाल में कार्रवाई होगी. उन्होंने बताया कि मामले में आरोपी डीलर के विरुद्ध गिद्धौर थाना में प्राथमिकी दर्ज करते हुए उसकी अनुज्ञप्ति तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई है. साथ ही अनुज्ञप्ति रद्द करते हुए अग्रतर कार्रवाई की अनुशंसा आला अधिकारियों से भी की गई है जिसके बाद डीलर को शोकॉज किया गया है. शोकॉज का जवाब मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

