संजीत कुमार,
देवघर: जब जन प्रतिनिधि ही नियम का उल्लंघन करे तो दूसरे से क्या उम्मीद की जा सकती है, ऐसा ही नजारा आज देवघर के विश्वप्रसिद्ध बाबा मंदिर में देखने मे आया जहां गोड्डा लोकसभा के सांसद निशिकांत दुबे ने रोक के बावजूद निकास द्वार से बाबा मंदिर प्रवेश किया.
सांसद के द्वारा निकास दरवाजे से प्रवेश की खबर स्थानीय तीर्थपुरोहित समाज में फैलने के साथ ही देवघर के तीर्थपुरोहितों के संगठन पंडा धर्मरक्षिणी सभा ने इसका विरोध किया. यह घटना सांसद के मंदिर से पूजा कर वापस आने के क्रम में घटित हुई. सांसद का विरोध किये जाने से तिलमिलाये सांसद मंदिर के निकास द्वार पर बैठ गए. हालांकि इस दौरान वहां उपस्थित भीड़ ने सांसद के विरोध में नारेबाजी की.
घटना की सूचना मिलने पर वहां उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों ने सांसद को वहां से उठा दिया. पंडा धर्मरक्षिणी सभा के महामंत्री कार्त्तिक नाथ ठाकुर ने सांसद के इस कृत्य की निंदा की है और कहा है कि जब मंदिर के निकास द्वार से प्रवेश पूर्ण रुप से प्रतिबंधित है तो गोड्डा सांसद इस नियम को क्यों नहीं मानते हैं?
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बहरहाल, सबसे बड़ा सवाल प्रशासन पर खड़ा होता है. आखिर बाबा मन्दिर में शिवरात्रि के दिन उमड़ी भारी भीड़ के बावजूद सांसद निकास द्वार से कैसे प्रवेश कर गए.

