रांची:- राजधानी के मशहूर अधिवक्ता बंसी प्रसाद उर्फ बंसी बाबू अब हमारे बीच नहीं रहे. उनका बीती रात देहांत हो गया. रांची के चुटिया स्थित स्वर्णरेखा नदी तट पर स्थित श्मसान घाट पर सीनियर अधिवक्ता बंसी प्रसाद का आज दोपहर अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार में सिर्फ उनके परिवार के सदस्य मौजूद थे.
बंसी बाबू सिविल मामले के बहुत ही माहिर वकील के रूप में प्रख्यात थे. उनके देहांत की खबर से जहां रांची बार एसोसिएशन में शोक की लहर है. वहीं, राजधानी से बाहर के जिलों में इस खबर से मातम है. कई जिलों के वकील अपने केस के सिलसिले में उनसे मशवरा लेने तो आते थे. सिविल कोर्ट के कई जज भी पेंचिदा मामलों में जजमेंट से पहले उनसे सलाह लेकर फैसला सुनाते थे. उनकी मृत्यू से उन्हें चाहने वाले मुवक्किलों को भी भारी नुकसान हुआ है. बंसी बाबू बहुत ही मृदु भाषी और गरीब परवर वकील थे. कई लोगों का केस वो पैसे के लिए बिना ही लड़ते थे. उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए लड़ते थे. बंसी बाबू कभी भी किसी को झूठा आश्वासन देकर केस नहीं लिया. इसलिए वकालत की दुनिया के अलावा भी उनकी एक अलग सी पहचान थी.

