रांची: आज दिनांक 18-10-2019 को हरमू स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद समीर उरांव ने प्रेसवार्ता की. प्रेसबंधुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मिशनरी ऑफ चैरिटी के तहत चलने वाली निर्मल ह्रदय संस्था निर्मम ह्रदय बनी जिसका श्रेय विपक्षी पार्टियों के तथाकथित झारखंडहित की बात करने वाले नेताओं को जाता है जिनके प्रश्रय में ऐसी संस्थाएं फली फूली और निर्भीक होकर नवजात बच्चों के खरीदफरोख्त जैसे घिनौने अपराध को अंजाम दिया. उन्होंने कहा कि झामुमो, कांग्रेस समेत सारे विपक्षी पार्टियों के नेता निर्मल ह्रदय जा चुके हैं जिससे मिशनरीज ऑफ चैरिटी के तहत चलने वाला निर्मल हृदय आज विपक्षी पार्टियों का दुलारा बन चुका है. 900 से ज्यादा बच्चों की हेराफेरी करने वाले निर्मल ह्रदय संस्था पर न सिर्फ विपक्षी नेता चुप हैं बल्कि मिशनरी की चादर लपेटे चल रही. इन आपराधिक संस्थाओं के प्रति सह्रदय भी रहे हैं.
निर्मल ह्रदय पर लगे आरोपों का जिक्र करते हुए उरांव ने कहा कि रेप पीड़ित, अविवाहित तथा नाबालिग गर्भवती महिलाओं को वहां आश्रय दिया जाता था एवं रेप पीड़ित की जानकारी पुलिस को नहीं दी जाती थी. प्रसव के बाद बच्चों को रखकर मां को वापस लौटा देता था. उन्होंने बताया कि 900 से ज्यादा नवजात बच्चों का व्यापार बच्चों की सुरक्षा और अधिकार के नियमों की अनदेखी करते हुए किया गया.
अनाथ या छोड़े गये बच्चों के गोद लेने संबंधी नियमों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि अनाथ बच्चों को तभी कानूनी तौर पर गोद देने लायक माना जाता है जब बच्चे के जन्म या बच्चा मिलने के 24 घंटे में बाल कल्याण समिति के पास रिपोर्ट की जाये. उन्होंने कहा कि सारे नियमों को ताक पर रखकर निर्मल ह्रदय ने बाल व्यापार जैसे घिनौने कार्य को अंजाम दिया. उन्होंने विपक्षी नेताओं पर मिशनरी धर्मगुरुओं के तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि हेमंत, बाबूलाल बताएं की निर्मल ह्रदय के नाम पर मिशनरी धर्मगुरुओं ने सेवा की है या सौदेबाजी.
उन्होंने कहा कि निर्मल ह्रदय जैसे मिशनरी संस्थाओं के पाप क्यूं नहीं दिखते हैं हेमंत को, हेमंत की चुप्पी मिशनरी धर्मगुरुओं के तुष्टिकरण की मजबूरी स्वतः बयान करती है. उन्होंने कहा कि अब वोटबैंक ने विपक्षी पार्टियों को इतना मजबूर कर रखा है कि उन्हें नवजात और अबोध बच्चों की खरीदफरोख्त भी जायज लगने लगी है.
प्रेसवार्ता के दौरान विधायक राम कुमार पाहन, पूर्व विधायक कमलेश उरांव भी मौजूद थे.

