दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी से देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद कई बैंक अपनी ब्याज दर घटा चुके हैं. अब नौकरीपेशा लोगों को एक और झटका लगने जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) भी ब्याज दरों में कटौती करने जा रहा है. EPFO द्वारा PF पर दी जाने वाली ब्याज दर 8.65 प्रतिशत थी, जिसे मार्च 2020 में घटाकर 8.50 प्रतिशत कर दिया गया था. बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के अनुसार ईपीएफओ द्वारा ब्याज दर को 8.5 प्रतिशत से घटाकर 8.1 प्रतिशत किया जा सकता है. निवेश पर लगातार घट रहे रिटर्न की वजह से प्रोविडेंट फंड पर दिए जाने वाले ब्याज को कम करन पर विचार हो रहा है और यदि ऐसा हुआ तो इससे 6 करोड़ अंशधारकों को करारा झटका लगेगा.
EPFO के वित्त विभाग, निवेश और ऑडिट विभाग की कमेटी की जल्द होने वाली बैठक में इस बारे में फैसला लिया जाएगा. मार्च के पहले सप्ताह में ब्याज दर को घटाकर 8.5 प्रतिशत किया गया था लेकिन वित्त मंत्रालय ने इस मंजूरी प्रदान नहीं की है. वित्त मंत्रालय की हरी झंडी के बाद ही श्रम मंत्रालय इसे घोषित कर सकता है.
कोरोना संकट के चलते सरकार ने मार्च महीने में PF को लेकर राहत पैकेज का ऐलान किया था, जिसमें कर्मचारियों और नियोक्ता दोनों को राहत प्रदान की थी. तीन महीने के लिए PF में हिस्सेदारी को घटाकर 12 प्रतिशत की जगह 10 प्रतिशत कर दिया गया था. ऐसा माना जा रहा है कि इस वजह से PF में कम राशि आने की वजह से EPFO द्वारा ब्याज दर में कटौती की जा रही है.

