BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

514 आदिवासी युवकों को फेक सरेंडर कराने के मामले में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, आईएएस और आईपीएस को भी थी योजना की जानकारी !

by bnnbharat.com
January 31, 2021
in समाचार
514 आदिवासी युवकों को फेक सरेंडर कराने के मामले में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, आईएएस और आईपीएस को भी थी योजना की जानकारी !
Share on FacebookShare on Twitter

रांची: झारखंड में 514 आदिवासी युवकों के गलत तरीके से सरेंडर कराने का मामला फिर तूल पकड़ने लगा है. अब इस पूरे प्रकरण में नया मोड़ आ गया है. जब पुलिस के लिए काम करने वाले रवि बोदरा ने अदालत में एक आवेदन इंटरवेनर बनाने का अनुरोध किया.

आवेदन में उसने यह खुलासा किया है कि इस फेक सरेंडर करने कराने की जानकारी उस समय के कई बड़े अधिकारियों को थी. रवि बोदरा के टच में तत्कालीन गृह सचिव आईजी और तत्कालीन एसएसपी रैंक के अधिकारी थे. इन सभी ने संसाधन उपलब्ध कराए थे.

वाहन और कई अन्य सामान उपलब्ध कराए गए थे. साथ ही कहा था कि जो लोग सरेंडर करेंगे उन्हें सरकारी प्रावधान के तहत नौकरी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. अदालत को दी गई जानकारी में कहा गया है कि विशेष शाखा के तत्कालीन आईजी भी रवि बोदरा के संपर्क में थे कई बार इस संबंध में उनके साथ बैठक भी हुई थी रवि बोदरा ने कई बड़े खुलासे किए हैं.

कौन है रवि बोदरा

रवि बोदरा पुलिस के लिए काम करता था. इसके संबंध कई आईपीएस अधिकारियों से रहे हैं. इसे यह जवाबदेही दी गई थी कि वह आदिवासी युवकों को बहला-फुसलाकर लाए और उनसे पैसे की वसूली भी करें. मूल रूप से चाईबासा का रहने वाला रवि बोदरा इंटर पास है. फेक सरेंडर के मामले में वह जेल जा चुका है. उसी ने यह खुलासा किया है

क्या है मामला

सीआरपीएफ और रांची पुलिस ने मिलकर आदिवासी युवकों को अवैध तरीके से सरेंडर कर आया और उन्हें हथियार भी उपलब्ध कराया गया था. उन सभी को पूरा ने जेल में रखा गया था. सभी कोबरा बटालियन के संरक्षण में थे. सरेंडर करने वालों से करीब ₹200000000 की उगाही की गई थी.

बाग में इस संबंध में रांची के लोअर बाजार थाना में मामला दर्ज हुआ था जिसमें एक निजी संस्थान के संचालक दिनेश प्रजापति और पुलिस के लिए काम करने वाले रवि बोदरा को जेल भेजा गया.

पुलिस अब भी इस मामले की जांच कर रही है लेकिन कई दस्तावेज मिटा दिए गए. पीड़ितों के बयान भी नहीं लिए गए ना ही उन अधिकारियों के बयान लिए गए जिन पर आरोप लगे हैं. अभी एक एसआईटी बनाई गई है जो पूरे मामले की जांच कर रही है.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

मुर्गी फार्म में चल रहे मिनी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, कई सामान जब्त

Next Post

बलात्कार पीड़िता और उसके परिवार का नाम ना करें उजागर: बॉम्बे हाई कोर्ट

Next Post
BHC ने कहा, पति की संपत्ति पर सिर्फ पहली पत्नी का अधिकार

बलात्कार पीड़िता और उसके परिवार का नाम ना करें उजागर: बॉम्बे हाई कोर्ट

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d