BNN BHARAT NEWS
सच के साथ

दुनिया की बेस्ट फाइटर प्लेन बनाने वाली कंपनी तेजस को बनाएगी और घातक

भारत में ही होगा प्लेन का निर्माण

521

नयी दिल्लीः  भारत का लड़ाकू विमान तेजस को और शक्तिशाली बनाने और इसकी क्षमता को और विकसित करने के लिए दुनिया का सबसे खतरनाक और आधुनिक लड़ाकू विमान कहलाने वाले एफ-35 की निर्माता कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने भारतीय ‘मेक इन इंडिया’ अभियान से जुड़ने की इच्छा जताई है.

यह भी पढ़ेंः ‘घातक’ लड़ाकू विमान मिग-27 ‘बहादुर’ का सफर खत्म

अमेरिका की दिग्गज एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड ने अपने मल्टी-बिलियन डॉलर कार्यक्रम के तहत भारत की मदद करने की पेशकश की है.

लॉकहीड एकतरफ भारत को अगली पीढ़ी का एडवांस मल्टी रोल कांबेट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) तैयार करने में मदद देगी, वहीं स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस को भी और ज्यादा घातक बनाने का तरीका सुझाएगी.

पढ़ेंः सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का सफल परीक्षण

अमेरिकी कंपनी ने यह प्रस्ताव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगामी 24-25 फरवरी को पहली बार भारत दौरे पर आने से ठीक पहले दिया है. इस दौरे के दौरान दोनों सामरिक साझेदार देशों के बीच अपने रक्षा व सैन्य सहयोग को और ज्यादा बढ़ाने के समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है.

इस दौरे से पहले लॉकहीड मार्टिन के उपाध्यक्ष विवेक लाल ने कहा, कंपनी भारत को तेजस लड़ाकू विमान को आगे विकसित करने और साथ ही अगली पीढ़ी का विमान बनाने वाले 5 अरब डॉलर के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में मदद करने के लिए ‘पूरी तरह’ तैयार है.

पढ़ेंः विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान का पाकिस्तानी वायुसेना ने लगाया स्टेच्यू

वायुसेना को 114 विमान बेचने के 18 अरब डॉलर कीमत वाले सौदे के बदले लॉकहीड मार्टिन कंपनी भारत को एफ-21 विमान देने के साथ ही यहीं पर अपना निर्माण संयंत्र स्थापित करने का भी वादा कर रही है.

bhagwati

साथ ही उसने यह भी कहा है कि यदि भारत उसे यह अनुबंध देता है तो वह किसी दूसरे देश को अपना यह लड़ाकू विमान उपलब्ध नहीं कराएगी.

पढ़ेंः दशहरा पर भारत को मिलेगा राफेल विमान, खुद फ्रांस लेने जाएंगे रक्षामंत्री

पाकिस्तानी एफ-16 से 40 फीसदी उन्नत है एफ-21 लॉकहीड मार्टिन का दावा है कि एफ-21 विमान हथियार पैकेज के हिसाब से पाकिस्तान के पास मौजूद एफ-16 विमान से 40 फीसदी ज्यादा उन्नत है.

उसके मुताबिक, इस विमान में करीब 138 तरह के हथियार पैकेज हैं, जिसमें अमेरिकी सरकार की मंजूरी के बाद भारतीय आवश्यकताओं के हिसाब से और ज्यादा बढ़ोतरी की जा सकती है.

विवेक लाल का दावा है कि एफ-21 दुनिया का इकलौता विमान है, जिसमें परंपरागत ईंधन क्षमता के साथ ही ईंधन भरने के लिए हॉज एंड ड्रॉग सुविधा भी मौजूद है.

पढ़ेंः दुश्मन के ठिकानों को पलक झपकते ही नष्ट करने में सक्षम ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण

भारतीय वायुसेना ने पिछले साल अप्रैल में 114 लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफआई) निकाला था.

करीब 18 अरब डॉलर के इस सौदे को हालिया सालों में दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य खरीद माना जा रहा है. इस सौदे को हासिल करने के लिए लॉकहीड के एफ-21 विमान के अलावा रूसी मिग-35 विमान, साब का ग्रिपन विमान, दसॉल्ट एविएशन का राफेल, बोइंग का एफ/ए-18 और यूरोफाइटर का टायफून विमान शामिल हैं.

लेकिन लॉकहीड के उपाध्यक्ष विवेक लाल का दावा है कि एफ-21 किसी भी दोहरे इंजन वाले विमान के मुकाबले 30-40 फीसदी कम लागत में उपलब्ध हो सकता है.

gold_zim

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

add44