दिल्लीः दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बवेजा ने बताया कि होली के समय में बाजारों में चीन के सामान की बहुत अधिक मांग होती है. कोरोना वायरस के कारण इस बार देश में होली का रंग फीका पड़ता नजर आ रहा है. अगले महीने होली है. पिचकारी, रंग, गुलाल समेत कई सामान चीन से ही आता हैं. कोरोना वायरस के कारण चीन से इन सब सामानों का आयात नहीं हो पा रहा है. इस वजह से दुकानों पर होली का सामान कम ही दिख रहा है.
इस बार चीन से सामान आयात नहीं होने के कारण स्टॉक कम हो गया है. स्टाक कम होने से बाजारों में इन सामान की कीमत बढ़ गई है. कीमत बढ़ने से लोग खरीदारी भी कम कर रहे है.
उन्होंने बताया कि पिछले साल इन दिनों में होली के सामान की बिक्री शुरू हो जाती थी, लेकिन दाम बढ़ने के कारण लोग सामान खरीदने से कतरा रहे हैं. सदर बाजार के एक विक्रेता मोहत्मद असद ने बताया कि माल कम होने से थोक बाजार में चीजें 15 से 20 फीसदी तक महंगी हो गई है.
इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट पर भी पड़ रहा असर
चीन से आयात इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की भी बाजारों में बिक्री होती है. मोबाइल व एसेसरीज भी चीन से आयात की जाती है. देश भर में मोबाइल एसेसरीज के मशहूर गफ्फार मार्केट में इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम के दाम बढ़ने की संभावना है.
गफ्फार मार्केट में मोबाइल एसेसरीज के विक्रेता नितिन ने बताया कि मार्केट में चीनी सामान कम हुआ है, साथ ही व्यापारी भी माल की डिमांड नहीं भेज रहे हैं, इससे महंगाई बढ़ेगी. उन्होंने बताया कि अगर इस हफ्ते के अंत तक स्थितियों में सुधार नहीं हुआ तो कीमतें बढ़ सकती हैं.

