नई दिल्ली. पिछले 15 सालों में देश में एकाएक किडनी फेल होने की समस्यामएं दोगुनी गति से बढ़ गई हैं. इतना ही नहीं किडनी डायलिसिस के लिए ज्यांदा अस्प ताल न होने या प्राइवेट अस्पपतालों में बहुत ज्यािदा पैसा लगने के कारण किडनी मरीजों को इस रोग के अलावा भी खासी दिक्क तें झेलनी पड़ती हैं. हालांकि अब दिल्ली में देश का पहला हाईटेक सुविधाओं से लैस किडनी डायलिसिस अस्पमताल खोला गया है जिसमें इलाज पूरी तरह फ्री होगा. दिल्लीर सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की ओर से दिल्लील के बाला साहिब गुरुद्वारे के एक हिस्सेे में खोले गए गुरु हरिकिशन इंस्टीीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च किडनी डायलिसिस अस्प ताल का आज सात मार्च को उद्घाटन हुआ है. डीएसजीएमसी के प्रमुख मनजिंदर सिंह सिरसा नेबताया कि यह अपने आप में पहला ऐसा अस्पंताल है जहां कोई कैश काउंटर नहीं होगा. सिर्फ बीमार रोगियों के लिए रजिस्ट्रे शन काउंटर होगा. डीएसजीएमसी के प्रमुख मनजिंदर सिंह सिरसा ने न्यूओज 18 हिंदी को बताया कि यह अपने आप में पहला ऐसा अस्प्ताल है जहां कोई कैश काउंटर नहीं होगा. सिर्फ बीमार रोगियों के लिए रजिस्ट्रे शन काउंटर होगा. मरीज से एक पैसा नहीं लिया जाएगा. सिरसा ने बताया कि इस अस्पिताल में 50 बेड और 50 हवाई जहाज के बिजनेस क्ला स में मिलने वाली इलेक्ट्रिक चेयर हैं. ऐसा इसलिए किया गया है कि डायलिसिस के दौरान अगर कोई मरीज बेड पर बोरियत या परेशानी महसूस करता है तो वह चेयर पर भी बैठ सकता है. यहां लगाई गई मशीनें और सभी उपकरण जर्मनी से मंगाए गए हैं. सभी मशीनें आधुनिक होने के साथ ही लेटेस्टर टैक्नोीलॉजी से लैस हैं. इस अस्परताल में देश के किसी भी कोने से मरीज आकर डायलिसिस करा सकेगा. एक दिन में करीब 500 मरीजों के किडनी डायलिसिस की सुविधा होगी. एक मरीज का डायलिसिस करीब 3-4 घंटे चलता है ऐसे में 100 बेड पर बारी बारी से लोग इलाज करा सकेंगे. इस अस्परताल के लिए देश के जाने-माने डॉक्टकरों को भी भर्ती किया गया है. इनमें कुछ दक्षिण भारत के नेफ्रोलॉजिस्टस भी हैं.दिल्लीि सिख गुरुद्वारा कमेटी प्रमुख सिरसा कहते हैं कि सात मार्च को उद्धाटन के दो दिन बाद ही इसमें मरीजों को इलाज मिलना शुरू हो जाएगा. इसके लिए अभी अस्पेताल में ही आकर रजिस्ट्रे शन कराना होगा. हालांकि एक हफ्ते बाद यहां ऑनलाइन रजिस्ट्रे शन की भी सुविधा मिल जाएगी. इसके लिए सिस्टीम तैयार किया जा रहा है. डीसीजीएमसी की वेबसाइट पर जाकर लोग ऑनलाइन रजिस्ट्रेसशन करा सकेंगे. इस अस्पाताल में डायलिसिस के लिए मरीज को एक भी पैसा नहीं देना पड़ेगा. यहां लगाई गई मशीनें जर्मनी से मंगाई गई हैं. चूंकि यह बंगलासाहिब गुरुद्वारे में ही खोला गया है तो यहां पूरे दिन गुरुवाणी चलती रहेगी. लोग इसका आनंद लेंगे. उसके साथ ही मरीजों के अलावा परिजनों के लिए भी खाना-पीना फ्री मिलेगा. गुरुद्वारे के लंगर से ही इनके लिए खाना आएगा. लिहाजा यहां लोगों को इलाज कराने में किसी भी तरह की कोई दिक्क त नहीं आएगी.

