दीपक
रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गयी हैं. ऐसे में सभी राष्ट्रीय दल, क्षेत्रीय दलों के प्रदेश अध्यक्ष भी चुनाव लड़ने को बेताब हैं. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के हाथों पराजित हुए थे. अब ये चाईबासा सीट से पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ने को आतुर हैं. इनके बारे में कहा जा रहा है कि ये रांची जिले के अंतर्गत आनेवाले सेफ़ विधानसभा सीट की तलाश में भी हैं, ताकि दो जगहों पर किस्मत आजमा सकें.
कमोबेश यही स्थिति कांग्रेस की भी है. नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव को लोहरदगा और गुमला में से एक सीट चाहिए. ये भी पूर्व में लोकसभा चुनाव में हार का सामना कर चुके हैं. प्रदेश अध्यक्ष की जवाबदेही मिलते ही आदिवासी और मुस्लिम वोटरों पर इनकी खासी नजर है. इनके बारे में यहां यह बता दें कि इन्हें अध्यक्ष बनाये जाने से पार्टी का एक बड़ा कुनबा इनकी गतिविधियों से खासा नाराज चल रहा है. इसका असर हाल ही में संपन्न पार्टी की जनाक्रोश रैली के दरम्यान दिखा भी.
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झारखंड विकास मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी भी विधानसभा चुनाव में कोडरमा से चुनाव लड़ने के मूड में हैं. इन्हें लोकसभा चुनाव में कोडरमा सीट से भाजपा प्रत्याशी अन्नपूर्णा देवी के हाथों शिकस्त मिली थी. अब ये विधानसभा चुनाव में अपना भाग्य एकबार फिर आजमायेंगे. दलों के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों का भी एक कुनबा चुनाव के दौरान सक्रिय हो गया है.
आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष क्या तोड़ पायेंगे हार का सिलसिला
आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो लोकसभा, विधानसभा और विधानसभा उप चुनाव में अब तक हारते रहे हैं. इनकी हार का सिलसिला अब तक नहीं थम रहा है. एक बार फिर ये सिल्ली, तमाड़ अथवा रामगढ़ सीट में से सबसे सुरक्षित सीट पर अपनी किस्मत आजमायेंगे. हालांकि पार्टी के ही वरिष्ठ नेता चंद्रप्रकाश चौधरी के सांसद बनने के बाद वह अपनी पत्नी को रामगढ़ सीट से चुनाव लड़ाना चाह रहे हैं. इससे आजसू के केंद्रीय नेतृत्व को अपने ही घर में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
राजद के प्रदेश अध्यक्ष नहीं लड़ेंगे चुनाव, अन्य दलों के प्रदेश अध्यक्ष भांप रहे स्थिति
राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष अभय सिंह चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं. उनका कहना है कि मेरे लिए रांची और हटिया सीट थी, पर यहां भाजपा की स्थिति काफी अच्छी है. पार्टी को विपक्षी गठबंधन के तहत पांच सीटें ही मिली हैं. जिस पर अभी से पार्टी कंसंट्रेट कर रही है. झारखंड पार्टी एनोस गुट के अध्यक्ष एनोस एक्का ने भी पांच सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है, जिसमें सिमडेगा, कोलेबिरा प्रमुख है. कमोबेश यही स्थिति राजद लोकतांत्रिक दल की है. राजद लोकतांत्रिक के प्रदेश अध्यक्ष गौतम सागर राणा ने 16 सीटों पर उम्मीदवार देने की घोषणा की है. वे खुद हजारीबाग से चुनाव लड़ सकते हैं.
यही स्थिति जदयू की भी है. जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सालखन मुर्म हैं. वे खुद भी चुनाव लड़ेंगे. नौजवान संघर्ष मोर्चा के भानू प्रताप शाही ने अब भाजपा के साथ मोर्चा का विलय कर लिया है. ये भवनाथपुर से प्रबल दावेदारों में से एक हैं. तृणमुल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर बैठा भी पलामू से अपना भाग्य आजमा सकते हैं. इन्होंने भी 20 से अधिक सीटों पर प्रत्याशी देने की बात कह दी है.

