BNN BHARAT NEWS
सच के साथ

जनता सोमवार को तय करेगी , काली या सफेद कार है पसंद !

झरिया विधानसभा चुनाव में एक ही परिवार की दो बहुओं के बीच मुकाबला

405

रांची: झरिया में है काली और सफेद गाड़ियों के काफिलों के बीच मुकाबला. झारखंड विधानसभा 2019 के चुनाव में झरिया उन सीटों में शुमार है जहां मुकाबला ना सिर्फ दिलचस्प है बल्कि रक्तरंजित भी है. काली गाड़ियां यानी पूर्व उपमहापौर दिवंगत नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह का काफिला और सफेद गाड़ियां यानी भाजपा विधायक संजीव सिंह की पत्नी रागिनी सिंह का काफिला. कोयलांचल के दोनों परिवारों का काफिला जैसे ही रघुकुल और सिंह मेंशन से बाहर निकलता है वैसे ही शहर वालों को खबर मिल जाती है कि किसकी हैं गाड़ियां.

कीमती गाड़ियों का काफिला बयां कर रही अपनी भावना

फॉर्चूनर, ऑडी जैसी कीमती काली कारें जब धनबाद और झरिया की काली और धूल भरी सड़कों को रौंदती हुई चलती हैं तो पता चल जाता है की स्वर्गीय नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह चुनाव प्रचार के लिए बाहर निकल चुकी हैं. झरिया से कांग्रेस की प्रत्याशी पूर्णिमा सिंह के गाड़ियों का रंग काला क्यों है और सिंह मेंशन की सफेद क्यों, समझने के लिए यह समझना होगा दोनों परिवारों के बीच की दूरी. हालांकि चुनावी प्रचार में दोनों परिवार एक दूसरे पर सीधे हमला करने से बचते दिखते हैं झरिया की तमाम गलियों में चुनावी मौसम में सफेद और काली कारों का काफिला धूल उड़ाता उड़ रहा. सड़कों के दोनों किनारों पर लोग काफिले की काली खिड़कियों के अंदर झांकने की कोशिश करते हुए रागिनी सिंह और पूर्णिमा सिंह को पहचानने की कोशिश करते हैं । काली और सफेद कारों के काफिले का दम-खम इतना है की वोटर्स तीसरे उम्मीदवार की चर्चा तक करते नजर नहीं आते.

bhagwati

अब भी शोकाकुल होने का सबूत दे रहा काली कारों का काफिला

धनबाद की सियासत और दोनों परिवारों की रणनीति और राजनीति पर बारीक नजर रखने बताते हैं की पूर्णिमा सिंह अपनी काली कारों से के जरिए झरिया के लोगों को बताने की कोशिश कर रही हैं की नीरज सिंह की हत्या के बाद पूरा परिवार आज भी शोक में है. काले रंग को शोक का प्रतीक बताते हुए परिवार का हर सदस्य काली कारों में चलता दिख रहा है. हांलाकि पूर्णिमा सिंह अपनी जनसभाओं में सधे शब्दों में इस चुनाव को बदले नहीं बदलाव का चुनाव करार देती है.

सफेद कारों का काफिला दे रहा बेदाग होने का सबूत

इधर रागिनी सिंह की सफेद कारों का काफिला खुद को बेदाग होने का सबूत दे रहा हैं. हांलाकि नीरज सिंह हत्याकांड में संजीव सिंह अभी जेल में बंद है मगर परिवार का मानना है की संजीव सिंह बेगुनाह है. भाजपा प्रत्याशी रागिनी सिंह तो इस मामले की सीबीआई जांच की मांग भी करती हैं. बहरहाल 16 दिसंबर को वोट डाले जाएंगें और 23 दिसंबर को नतीजे आएंगे.

gold_zim

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

yatra
add44