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समुद्र और नदी के बीच उड़ान भरेगा जहाज, सिम्फर के सहयोग से नवी मुंबई में तैयार हो रहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट


धनबाद:- समुद्र एवं उलवे नदी के बीच नवी मुंबई एयरपोर्ट में बन रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण में केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सिम्फर), धनबाद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. संस्थान के वैज्ञानिक वहां 92 मीटर पहाड़ को तोड़ कर एयरपोर्ट का रनवे एवं टर्मिनल बनाने में तकनीकी सहयोग दे रहे हैं. सिम्फर, धनबाद के निदेशक डॉ पीके सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक एवं तकनीकी सदस्यों का वहां लगातार कैंप हो रहा है. वर्ष 2022 तक कार्य पूरा करने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तेजी से काम हो रहा है.
किस तरह का काम कर रहा सिम्फर
सिम्फर एवं सिडको महाराष्ट्र लिमिटेड के बीच वर्ष 2017 के जून में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए एमओयू हुआ. इसमें एयरपोर्ट निर्माण में सिम्फर को पहाड़ की ऊंचाई सुरक्षित तरीका से कम करने के लिए तकनीकी सहयोग देना है. साथ ही बगल में बह रही समुद्र एवं उलवे नदी की धार को मोड़ने में तकनीकी मदद देनी है. सिम्फर को सिडको की तरफ से इस कार्य के लिए हर साल सवा तीन करोड़ रुपये से अधिक राशि दी जा रही है. सिम्फर को यह काम ‌वर्ष 2022 के अंत तक पूरी करनी है. सिम्फर की 6 सदस्यीय टीम पिछले तीन वर्ष से भी अधिक समय से नवी मुंबई में इस काम में लगी हुई है.
65 फीसदी से अधिक पहाड़ तोड़ी जा चुकी है
सिम्फर की टीम वहां पर उलवे पहाड़ी को सुरक्षित तरीका से तोड़ कर ऊंचाई कम करने में लगे हुए हैं. यह काम लगभग 65 फीसदी पूरी हो चुकी है. किसी-किसी तरफ 75 फीसदी तक काम हो चुका है. पहाड़ की ऊंचाई को 92 मीटर से घटा कर 8 मीटर तक लाने की योजना है. तोड़े गये पहाड़ के अवशेष का उपयोग समुद्र एवं नदी की धार को मोड़ने में की गयी है. पिछले कुछ माह से बड़े-बड़े बोल्डर काटा जा रहा है. इन बोल्डरों को रात में बड़ी -बड़ी लॉरी में लाद कर हाजी अली एवं जेएनपीटी पोर्ट पर भेजी जा रही है. ब्लॉस्टिंग का पूरा काम सिंफर की देख-रेख में ही हो रहा है.
नवी मुंबई एयरपोर्ट पर बन रहे इंटरनेशल एयरपोर्ट में दो टर्मिनल एवं दो रन-वे होगा. दोनों ही रन-वे सामानांतर होगा. बगल से ही समुद्र एवं नदी बहने से यहां का दृश्य बेहद मनोरम होगा. यहां पर एक साथ दो प्लेन टेक ऑफ या लैंड कर सकेंगी. एयरपोर्ट निर्माण का कार्य बहुत तेजी से हो रहा है.
सिम्फर, धनबाद के निदेशक डॉ पीके सिंह ने कहा कि नवी मुंबई में बन रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट में तकनीकी सहयोग करना सिंफर के लिए गर्व की बात है. सिंफर के वैज्ञानिक एवं तकनीकी सदस्य वहां लगातार कैंप कर काम कर रहे हैं. कोरोना काल में भी यहां के वैज्ञानिक एवं कर्मी वहां जाकर काम करते रहे. यह अपने तरह का अनोखा प्रोजेक्ट है. कोशिश है कि प्रोजेक्ट को समय पर पूरी कर दिया जाये. जो तकनीकी समस्याएं थी, वह लगभग दूर हो चुकी है. वहां पर काम बहुत तेज गति से चल रहा है.