BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

विभागीय उदासीनता के कारण मवेशी बांधने में हो रहा चापाकल का उपयोग

by bnnbharat.com
January 23, 2020
in Uncategorized
विभागीय उदासीनता के कारण मवेशी बांधने में हो रहा चापाकल का उपयोग

विभागीय उदासीनता के कारण मवेशी बांधने में हो रहा चापाकल का उपयोग

Share on FacebookShare on Twitter

साजन मिश्रा,

गोड्डा: बसंतराय प्रखंड क्षेत्र के बाघाकोल पंचायत अंतर्गत मनसा विशनपुर गांव में पानी की भारी समस्या से लोगों के सामने हाहाकार मचा हुआ है. पानी के लिए लोग दर-दर भटक रहे हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस गांव की आबादी लगभग चार सौ की है. वहीं इतनी आबादी वाले गांव में महज चार चपाकल ही है जिसमें दो चापाकल लंबे अर्से से खराब पड़ा है. खराब चापाकल रहने से लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीण संजय, आनंदी, बबलु, चमरू मड़ैया, सुनील मरांडी, सुखदेव दास सहित कई लोगों ने बताया कि गांव में महज दो ही चापाकल से पानी निकल रहा है. जबकि बन्द पड़े चापाकल में लोग पानी भरने की जगह अपने मवेशी को बांधने का काम कर रहे हैं.

ग्रामीणों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि कई बार विभाग को खराब पड़े चापाकल को ठीक करने को लेकर सूचना भी दिया गया लेकिन विभाग के द्वारा मरम्मती के लिए पाईप नहीं होने की बात कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लेते हैं. वहीं कई बार विभाग के उदासीन रवैये से निराश होकर ग्रामीण आपस में भी श्रमदान कर चापाकल की मरम्मत कर पानी का लाभ लिए हैं लेकिन सवाल ये है की जब पंचायत के मुखिया एवं विभाग की जिम्मेदारी में खराब पड़े चापाकल को चालू करना होता है तो लोग अपनी पॉकेट क्यों ढीली करें.

ग्रामीणों में खराब पड़े चापाकल को लेकर आने वाली गर्मी के मौसम को झेलना संकट दिखाई पड़ रहा है. वहीं दूसरी तरफ लोगों में विभाग के प्रति भी काफी रोष है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं सम्बन्धित विभाग से चापाकल मरम्मती की मांग की है ताकि पेयजल की घनघोर समस्या से निजात मिल सके.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

सरकार बनते ही जनता दरबार कर समस्याओं को सुनने व अविलंब निदान करने का फरमान जारी

Next Post

हेमंत सरकार द्वारा पत्थलगड़ी का मुकदमा वापस लेने का निर्णय गलत : अशोक कुमार भगत

Next Post
हेमंत सरकार द्वारा पत्थलगड़ी का मुकदमा वापस लेने का निर्णय गलत : अशोक कुमार भगत

हेमंत सरकार द्वारा पत्थलगड़ी का मुकदमा वापस लेने का निर्णय गलत : अशोक कुमार भगत

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d