ऑस्ट्रेलिया: ऑस्ट्रेलिया के कप्तान टिम पेन ने भारत के खिलाफ ब्रिस्बेन के गाबा में खेले जा रहे चौथे और आखिरी क्रिकेट टेस्ट में टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला लिया. इस टेस्ट में भारत की तरफ से दो खिलाड़ियों ने अपना टेस्ट डेब्यू किया. टी नटराजन भारत के 300वें टेस्ट खिलाड़ी बने. वहीं. वाशिंगटन सुंदर को रविचंद्रन अश्विन ने टेस्ट कैप सौंपी और वह भारत के 301वें टेस्ट खिलाड़ी बने.
दिसंबर 2017 में श्रीलंका के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में वनडे और टी20 में डेब्यू किया था. उस वक्त सुंदर की उम्र 18 साल 69 दिन थी. अब 21 साल की उम्र में सुंदर ने टेस्ट डेब्यू कर लिया है. सुंदर सिर्फ एक ही कान से सुन पाते हैं. सुंदर अपनी इस कमजोरी के बारे में पहले इंटरव्यू में जिक्र कर चुके हैं.
बाएं हाथ से बल्लेबाजी और दाहिने हाथ से गेंदबाजी करने वाले सुंदर जब 4 साल के थे तो परिवार को उनकी परेशानी का पता चला. उनका कई अस्पतालों में इलाज चला, लेकिन यह परेशानी ठीक नहीं हुई. इसकी वजह से उन्हें परेशानियों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने इस परेशानी को खुद पर हावी नहीं होने दिया.
वाशिंगटन सुंदर ने क्रिकेट पर पूरी तरह ध्यान लगाया और 2016 में तमिलनाडु की रणजी टीम में अपनी जगह बनाई. इसके बाद अंडर-19 वर्ल्ड कप और फिर आईपीएल में भी वह जगह बनाने में कामयाब रहे. इसके बाद उन्होंने भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई. उन्होंने अबतक भारत के लिए 1 वनडे और 26 टी20 मैच खेले हैं.
सुंदर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि फील्डिंग के दौरान उनके साथियों को उनकी इस परेशानी की वजह से दिक्कत होती है, लेकिन वह कभी इसके लिए शिकायत नहीं करते. वे मेरी कमजोरी को लेकर मुझे कुछ नहीं कहते, बल्कि मेरी मदद ही करते हैं.
5 अक्टूबर 1999 को चेन्नई में जन्में सुंदर का नाम उनके पिता ने अपने क्रिकेट मेंटर और गॉडफादर पीडी वाशिंगटन के नाम पर रखा था. सुंदर के पिता एम सुंदर भी क्लब स्तर के क्रिकेटर रह चुके हैं. पीडी वाशिंगटन एक्स आर्मी पर्सन थे और क्रिकेट के शौकीन थे. इसी दौरान सुंदर के पिता और पीडी वाशिंगटन के बीच अच्छा रिश्ता बन गया. 1999 में वांशिगटन की मृत्यु हो गई और उसके बाद सुंदर का जन्म हुआ, इस तरह उनका नाम वाशिंगटन सुंदर रखा गया.

