रांची: पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक महान विचारक और एक राजनेता हुआ करते थे और भारतीय जनसंघ पार्टी को बनाने में इनका अहम योगदान रहा है. इन्होंने अपनी कॉलेज के दिनों में ही राजनीति में आने का निर्णय ले लिया था और बेहद ही कम समय में इन्होंने कई उपलब्धियां हासिल कर ली थी. आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि है . और उनकी पुण्यतिथि पुरे देश में समर्पण दिवस के रूप में मनाया जा रहा है.
- इनका जन्म सन् 1916 में उत्तर प्रदेश राज्य के चंद्रभान नामक एक छोटे से गांव में हुआ था. जब ये मात्र दो साल के थे तो उस वक्त इनके पिता का निधन हो गया था, जो कि रेलवे में बतौर एक सहायक स्टेशन मास्टर की तौर पर काम किया करते थे.
- वहीं पिता की मौत के कुछ सालों बाद ही इनकी मां का भी स्वर्गवास हो गया था.
अंत्योदय का नारा देने वाले दीनदयाल उपाध्याय का कहना था कि अगर हम एकता चाहते हैं, तो हमें भारतीय राष्ट्रवाद को समझना होगा, जो हिंदू राष्ट्रवाद है और भारतीय संस्कृति हिंदू संस्कृति है.
दीनदयाल उपाध्याय जी पढ़ाई में काफी तेज हुआ करते थे और मैट्रिक की परीक्षा में प्रथम आने पर इन्हें सीकर के महाराजा कल्याण सिंह की और से 10 रुपये और 250 रुपये की मासिक छात्रवृत्ति और स्वर्ण पदक दिया गया था.
पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अपने जीवन में विवाह नहीं किया था और इन्होंने अपना सारा जीवन अपनी पार्टी को समर्पित कर दिया था. साल 1951 में भारतीय जनसंघ की नींव रखी गई थी और इस पार्टी को बनाने का पूरा कार्य इन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ मिलकर किया था. इस पार्टी के गठन के बाद उपाध्याय जी को इस पार्टी का महासचिव भी चुना गया था और ये पार्टी आरएसएस से जुड़ी हुई थी जो हिंदू राष्ट्रवाद की विचारधारा रखती थी. वहीं सन् 1977 में ये पार्टी, जनता पार्टी के नाम से प्रसिद्ध हो गई थी और साल 1980 में इस पार्टी का नाम भारतीय जनता पार्टी हो गया था.
कैसे हुआ निधन
पंडित दीनदयाल उपाध्याय का शव रहस्यमय परिस्थितियों में मुगलसराय रेलवे स्टेशन के पास मिला था. जब इनका शव मिला था, तो किसी को भी नहीं पता था कि ये दीनदयाल उपाध्याय जी हैं और इनके शव की पहचान काफी देर बाद की गई थी. वहीं इनकी हत्या किसने की थी इस बात का पता नहीं चल पाया था. आपको बता दें की पांच अगस्त, 2018 को मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदल कर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन कर दिया गया था.
- दीनदयाल उपाध्याय जी ने जो अपनी सेवाएं भारतीय जनसंघ पार्टी और आरएसएस को दी थी, उसको अभी भी बीजेपी पार्टी के द्वारा याद रखा गया है और इस पार्टी द्वारा इनकी याद में कई तरह के कार्य भी किए गए हैं.
- बीजेपी पार्टी की और से कई योजनाओं का नाम इनके नाम पर रखा गया है. जैसे दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना और दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना.
इतना ही नहीं प्रधान मंत्री मोदी जी ने कई सार्वजनिक संस्थानों का नाम इनके नाम पर परिवर्तित कर दिया है. इसके अलावा इनके नाम पर एक कॉलेज और अस्पताल भी है. - भारत की राजनीति आज जिस स्तर पर है उसे बनाने के पीछे कई महान लोगों का योगदान रहा है और इन्ही महान लोगों में से एक दीनदयाल उपाध्याय जी भी थे. जिन्होंने हमारे देश को एक मजबूत राजनीतिक पार्टी देने का कार्य किया था.
आज उनकी पुण्यतिथि है इस अवसर पर पूरा देश उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दे रहा है. इस अवसर पर उन्हें शत-शत नमन.

