आज का पंचांग, आपका दिन शुभ (मंगलमय) हो.
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- दिनांक 06 अगस्त 2020
- दिन – गुरुवार
- विक्रम संवत – 2077 (गुजरात – 2076)
- शक संवत – 1942
- अयन – दक्षिणायन
- ऋतु – वर्षा
- मास – भाद्रपद (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार – श्रावण)
- पक्ष – कृष्ण
- तिथि – तृतीया रात्रि 12:14 तक तत्पश्चात चतुर्थी
- नक्षत्र – शतभिषा सुबह 11:18 तक तत्पश्चात पूर्व भाद्रपद
- योग – अतिगण्ड 07 अगस्त प्रातः 05:23 तक तत्पश्चात सुकर्मा
- राहुकाल – दोपहर 02:10 से शाम 03:47 तक
- सूर्योदय – 06:15
- सूर्यास्त – 19:13
- दिशाशूल – दक्षिण दिशा में
- व्रत पर्व विवरण – फूल काजली व्रत
- विशेष – तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है.
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★★ कजरी तीज :-
◆ भाद्रपद मास के तीसरे दिन यानी भाद्रपद कृष्ण तृतीया तिथि (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार श्रावण मास तृतीया तिथि) इस बार (06 अगस्त, गुरुवार) विशेष फलदायी होती है, क्योंकि यह तिथि माता पार्वती को समर्पित है. इस दिन भगवान शंकर तथा माता पार्वती के मंदिर में जाकर उन्हें भोग लगाने तथा विधि-विधान पूर्वक पूजा करने से सभी सुखों की प्राप्ति होती है. इस दिन कजरी तीज का उत्सव भी मनाया जाता है. कजरी तीज को सतवा तीज भी कहते हैं. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को फूल-पत्तों से सजे झूले में झुलाया जाता है. चारों तरफ लोक गीतों की गूंज सुनाई देती है.
◆ कई जगह झूले बांधे जाते हैं और मेले लगाए जाते हैं. नवविवाहिताएं जब विवाह के बाद पहली बार पिता के घर आती हैं तो तीन बातों के तजने (त्यागने) का प्रण लेती है- पति से छल कपट, झूठ और दुर्व्यवहार और दूसरे की निंदा. मान्यता है कि विरहाग्नि में तप कर गौरी इसी दिन शिव से मिली थी. इस दिन पार्वती की सवारी निकालने की भी परम्परा है. व्रत में 16 सूत का धागा बना कर उसमें 16 गांठ लगा कर उसके बीच मिट्टी से गौरी की प्रतिमा बना कर स्थापित की जाती है तथा विधि-विधान से पूजा की जाती है.
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★★ विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए :-
◆◆ 07 अगस्त 2020 शुक्रवार को कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है .
◆ शिव पुराण में आता हैं कि हर महिने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :
◆ ॐ गं गणपते नमः .
◆ ॐ सोमाय नमः .
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★★ सुभाषितानि :-
गुरु मूरति आगे खड़ी
दुतिया भेद कछु नाहिं.
उन्हीं कूं परनाम करिं,
सकल तिमिर मिट जाहिं..
◆ भावार्थ :- सामने अगर गुरु की मूर्ति भी है, तो उनमें कोई और भेद मत मानो, वही सर्वस्व है, उनकी ही सेवा करो, उन्हें नमन करो. सारे अज्ञान रुपी अन्धकार मिट जाएंगे.
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★★ आरोग्यम सलाह :-
◆◆ कोविड काढ़ा :-
- हल्दी पाउडर – 2 चम्मच
- सोंठ पाउडर – 2 चम्मच
- जीरा – 2 चम्मच
- अजवाइन – 1 चम्मच
- आखा धाणा – 2 चम्मच
- इलायची – 1 चम्मच
- काली मिर्च – 1 चम्मच
- लोंग – 2
- दाल चीनी – 1 चम्मच
- मेथी – 2 चम्मच
- सौंफ – 1 चम्मच
◆◆ ये सारी सामग्री मिक्सी में पीसकर पाउडर बना कर एक साफ एयर टाइट जार में भरकर रख लें. आपका Immunity Booster कोविड काढ़ा तैयार है.
◆◆ सेवन की विधि :- सुबह एक ग्लास पानी (200 ml.) में एक चम्मच पाउडर और तुलसी के 8-10 पत्ते डालकर आधा रह जाए तब तक उबालें. फिर उसमें आधा नींबू का रस और थोड़ा सा देशी गुड़ मिलाकर गरम गरम चाय के जैसे पी लें. याद रखें ये आपको खाली पेट लेना है. आधे घंटे पश्चात आप चाय नाश्ता ले सकते हैं. 7 से 10 दिनों तक इसका सेवन करना है.

