जमशेदपुर : नई दिल्ली स्थित नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनआरडीसी) द्वारा जमशेदपुर के रिलर्न फाउंडेशन और पुरूलिया के बोधोदय सोसायटी के सहयोग से ग्रामीण उद्यम विकास के लिए लिए पेपर वेस्ट के उपयोग पर कौशल प्रशिक्षण कार्यशाला की शुरूआत हुई.
पुरूलिया के पूंचा स्थित भूटम गांव में 3 फरवरी तक आयोजित होने वाली इस 110 दिवसीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले हानिकारक प्लास्टिक के प्रति जागरुकता पैदा करने के साथ ही वेस्ट पेपर के जरिए कम कीमत वाले बायोडिग्रेडेबल ग्रीन बैग्स और इसी वेस्ट पेपर के सहयोग से सालपत्ता प्लेट निर्माण की जानकारी देना है. इन प्लेट का दैनिक जीवन में उपयोग के साथ ही उद्यम विकास और पुरूलिया के ग्रामीण और जनजातीय लोगों के बीच पेपर वेस्ट मैनेजमेंट स्किल का विकास करना है.
इस कार्यशाला में भूटम गांव के गरीब जनजातीय परिवार के 37 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम के उदघाटन सत्र में गैर सरकारी संगठन रिलर्न फाउंडेशन की संस्थापक और प्रमुख मीता तरफदार ने अपने संबधों में इस कार्यशाला के महत्व और उद्देश्यों की जानकारी दी.

