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नई शिक्षा नियमावली के विरोध में आदिवासी छात्रों ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री का फूंका पुतला

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राजकुमार कुशवाहा,

पाकुड़: आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास पाकुड़ के छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर शनिवार को केकेएम कॉलेज के सामने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका. छात्रनायक जितराम मुर्मू के नेतृत्व में पुतला दहन कार्यक्रम हुआ.

पुतला दहन कार्यक्रम के मौके पर छात्र नायक जीतराम मुर्मू ने कहा कि झारखंड सरकार द्वारा बनाई गई नई शिक्षा नियामावली छात्रों के लिए कष्ट दाई है.

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नियमावली में कई त्रुटियां है जो कि नियोजन के अवसर मिलने पर भविष्य में स्थानीय छात्रों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा.

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नई शिक्षा नियमावली से, परीक्षा से कई बीएड, डीएलएड के प्रशिक्षु वंचित हो जाएंगे. सीटेट हेतु मैट्रिक में अंग्रेजी अनिवार्य नहीं है जबकि जेटेट में अनिवार्य कर दिया गया है.

कक्षा छह से आठ में विज्ञान कला और भाषा हेतु कोई विषय कॉम्निकेशन निर्धारित नहीं है जबकि जेटेट में विषय कॉम्निकेशन निर्धारित किया गया है.

सीटेट में कक्षा एक से पांच एवं छह से आठ दोनों स्तर में 150 अंको की परीक्षा होती है, जबकि जेटेट में कक्षा एक से पांच में 200 एवं कक्षा छह से आठ में 250 अंकों की परीक्षा नई नियमावली में निर्धारित की गई है.

क्षेत्रीय भाषा हिंदी, संथाली, मुंडारी, नागपुरी, बंगाली इत्यादी को छोड़कर अंग्रेजी को मैट्रिक में अनिवार्य कर दिया गया है. नई शिक्षा नियमावली 2019 को सरकार यथाशीघ्र पुन: विचार कर पूर्व की भांति नियमावली को लागू की जाय.

छात्रों ने सरकार के इस नीति का विरोध करते हुए सूबे के मुख्यमंत्री रघुवर दास व शिक्षा मंत्री नीरज यादव का पुतला फूंका. पुतला दहन कार्यक्रम के मौके पर संजीत कुमार हेम्ब्रम, जीतेन मुर्मू, मंशी मरांडी, परमेश्वर मुर्मू, राजेंद्र मुर्मू, प्रवीण सोरेन, सिउली मुंशी के अलावे अन्य मौजूद थे.

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