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लोहरदगा में मुस्लिम पर एकतरफा कार्रवाई बंद हो: एदारा ए शरिया

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रांची: एदारा ए शरिया झारखंड का प्रतिनिधिमंडल नाजिम आला हजरत मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी के नेतृत्व में शुक्रवार को पुलिस महानिर्देशक से मिलकर मांग पत्र सौंपा. इसमें कहा गया है कि गत 23 जनवरी, 2020 को असामाजिक तत्वों द्वारा सीएए के समर्थन में जुलुस निकालकर भड़काऊ नारा, विवादित गाना बजाकर सुनियोजित ढंग से जानबूझकर दंगा कराया गया.

इस दौरान असामाजिक तत्वों ने दुकान और घरों को जलाया, लूटपाट की. अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किया. अल्पसंख्यकों की दुकानों और घरों को विशेष कर टारगेट कर जलाया गया. इसमें भारी नुकसान हुआ.

लगातार जारी कर्फ्यू के दौरान और आज भी वहां का जिला और पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार एकतरफा कार्रवाई करके अल्पसंख्यकों पर दबाव बनाया जा रहा है. लोहरदगा के अंजुमन इस्लामिया, महिलाएं और सामाजिक लोगों को भी बुलाकर एसआईटी के नाम पर भयभीत कर प्रताडित किया जा रहा है. वहां के अल्पसंख्यक एसपी और डीसी से भयभीत हैं. वहां की जनता शांतिपूर्वक हमेशा से रही है. आगे भी रहना चाहती है परंतु कुछ लोगों के बहकावे और दबाव में आकर वहां के डीसी, एसडीओ और एसपी ने जानबूझकर जुलूस निकालने की अनुमति दी. दंगा रोकने में नाकाम रहे. इसकी जांच होनी चाहिए. दंगा में जिन-जिन पीडितों की दुकानें और घर जले हों, चाहे वह किसी भी समुदाय के हों उन्हें उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए.

शिष्टमंडल ने कहा कि एसआईटी द्वारा जानबूझकर अल्पसंख्यकों पर एकतरफा की गई कार्रवाई निंदनीय है. दंगे में लोहरदगा के लोकसभा सदस्य, एसपी, डीसी और एसडीओ, डीएसपी की भूमि‍का काफी संदिग्ध थी.

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शिष्टमंडल के मुताबिक पुलिस महानिर्देशक ने आश्वस्त किया कि मुजरिम किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे. कोई भी बेकसूर गिरफ्तार नहीं किया जायेगा. प्रतिनिधिमंडल ने अंजुमन इसलामिया लोहरदगा और वहां के 12-15 दंगा पीड़ितों और पुलिसिया कार्रवाई से प्रभावित लोगों द्वारा एदारा को दिए गए आवेदन पुलिस महानिर्देशक को सौंपा.

इस मौके पर एदारा शरिया ने कहा है कि लोहरदगा समेत राज्य के हर वर्ग के आम जनों से अपील की गयी है कि किसी के बहकावे में नहीं आए. आपसी सद्भाव, शान्ति और एकता को बनाये रखें. प्रतिनिधिमंडल में नाजिम आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी, प्रोफेसर रिजवान अली अंसारी, अकीलुर्रहमान, शकील हबीबी, एसएम मोइन, मौलाना मुजीबुर्रहमान आदि थे.

ज्ञापन में निम्न मांगे रखी गई

  1. लोहरदगा दंगा की उच्‍चस्‍तरीय जांच की जाए
  2.  दंगा में लोहरदगा लोकसभा सदस्य की भूमि‍का की जांच की जाए
  3. लोहरदगा एसपी व डीसी को निलंबित कर इन के खि‍लाफ जांच कर उचित कार्रवाई की जाए
  4. दंगा करने वाले असल मुजरिमों को चिन्हि‍त कर कड़ी कार्रवाई की जाए
  5. जिन बेकसुरों को गिरफ्तार किया गया है, उन्हें अविलंब रिहा किया जाए
  6.  एसपी और एसआईटी द्वारा लोहरदगा अंजुमन, कमेटियों और समाज के अमन पसंद लोगों के खि‍लाफ हो रही लगातार कार्रवाई बंद की जाए. प्रशासन द्वारा मस्जिदों में बंद कराई गई अजान पुनः शुरू कराई जाए.
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