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जहां मिलें 500 से अधिक कोरोना केस, लगा सकते हैं नाइट कर्फ्यू: CM योगी

यूपी: कोविड-19 से अति प्रभावित 13 जिलों की स्थिति की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कई दिशा-निर्देश दिए.

उन्होंने कहा कि जिन जिलों में प्रतिदिन 100 से अधिक केस मिल रहे हैं, अथवा जहां कुल एक्टिव केस की संख्या 500 से अधिक है, वहां माध्यमिक विद्यालयों में अवकाश के संबंध में जिलाधिकारी स्थानीय स्थिति के अनुरूप निर्णय लें.

ऐसे जिलों में रात्रि में आवागमन नियंत्रित रखने के संबंध में भी समुचित निर्णय लिया जाए, लेकिन किसी भी परिस्थिति में आवश्यक सामग्री जैसे दवा, खाद्यान्न आदि के आवागमन को बाधित न किया जाए.

महाराष्ट्र के साथ-साथ दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में कोविड संक्रमण की स्थिति तेजी से खराब हो रही है। ऐसी स्थिति में वहां रहने वाले उत्तर प्रदेश के नागरिकों की वापसी संभावित है. सीएम ने कहा कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया भी चल रही है.

आने वाले दिन हमारे लिए चुनौतीपूर्ण होंगे. हमें इसका सफलतापूर्वक सामना करना है. पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश के सभी जिलों ने कोविड प्रबंधन का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया था, इस बार भी हम टीम वर्क से इस लड़ाई को जरूर जीतेंगे.

सीएम ने कहा कि लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर नगर, गोरखपुर, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, झांसी, बरेली, गाजियाबाद, आगरा, सहारनपुर और मुरादाबाद जिले में कोविड संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. यहां केस की संख्या अधिक है.

सीएम योगी ने कहा कि आपदाकाल में हमें एकजुट होकर काम करना होगा. सभी सरकारी व निजी चिकित्सा संस्थानों के एम्बुलेंसों को कोविड मरीजों के उपयोग में लाया जाए. इन एम्बुलेंसों को इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जोड़ा जाए. मरीजों को तत्काल रिस्पॉन्स मिलना चाहिए.

उन्होंने कहा कि जिन जिलों में जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी स्तर के अधिकारी संक्रमित हैं, वहां संबंधित विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की भूमिका बढ़ाई जाए. सीएमओ की अनुपस्थिति हो तो एडी हेल्थ स्तर के अधिकारी सेवाएं दें.

सीएम ने कहा कि नगर विकास विभाग द्वारा नगरों में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जाए. कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सैनिटाइजेशन, स्वच्छता आदि का विशेष महत्व है. उन्होंने कहा कि कुल कोविड टेस्ट में कम से कम 50 प्रतिशत टेस्ट प्रतिदिन आरटीपीसीआर विधि से किए जाएं.

रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट तथा बस अड्डे पर रैपिड एंटीजन टेस्ट की व्यवस्था को और प्रभावी किया जाए. अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र आदि प्रदेशों से विशेष ट्रेन भी संचालित होगी. ऐसे में गोरखपुर, गोंडा, बस्ती व आसपास के क्षेत्रों में खास सतर्कता बरते जाने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि कोविड मरीजों के लिए बेड की कोई कमी नहीं है. वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए यह आवश्यक है कि कोविड अस्पतालों में और अधिक संख्या में बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. जनपदवार स्थिति की समीक्षा करते हुए बेड को संख्या में बढ़ोतरी की जाए. कोविड व नॉन कोविड के लिए इलाज की अलग-अलग और समुचित व्यवस्था की जाए.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारीगण पंचायत चुनाव की व्यवस्था को सुचारु रखते हुए जनपद के सभी विभागों के कार्मिकों को कोविड प्रबंधन के कार्य से जोड़ें. अतिरिक्त मानव संसाधन के लिए भी स्वीकृति दी गई है. तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. सिविल डिफेंस की सेवाएं ले सकते हैं.