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वायरस के साथ जीना होगा, हमारा टेस्टिंग रेट दुनिया में सबसे कम: मनीष तिवारी

by bnnbharat.com
April 28, 2020
in समाचार
वायरस के साथ जीना होगा, हमारा टेस्टिंग रेट दुनिया में सबसे कम: मनीष तिवारी

वायरस के साथ जीना होगा, हमारा टेस्टिंग रेट दुनिया में सबसे कम: मनीष तिवारी

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दिल्ली: देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 29 हजार के पार पहुंच चुकी है. 5 दिन बाद यानी 3 मई को लॉकडाउन का दूसरा चरण खत्म होने वाला है. लॉकडाउन पर कांग्रेस-बीजेपी में सियासी बयानबाजी भी खूब हो रही है.

इस बीच कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि 3 मई यानी लॉकडाउन के बाद कोरोना वायरस चला जाएगा. हमें कबूल करना पड़ेगा कि इस वायरस के साथ 6 महीने, सालभर तक जीना होगा. ऐसी स्थिति में आप देश को तीन महीने और लॉकडाउन में नहीं रख सकते हैं.

आज तक से बातचीत में उन्होंने कहा कि जनता कर्फ्यू के बाद से अब तक करीब 6 लाख टेस्ट हुए हैं. इस दौरान के इंफेक्शन रेट को देखा जाए तो 100 से हजार मामले 14 दिन और हजार से 10 हजार मामले 16 दिन में बढ़े थे.

उन्होंने कहा कि 367 जिलों में कोरोना वायरस का असर नहीं है, लेकिन हमारा टेस्टिंग रेट दुनिया में सबसे कम है. इसमें कोई शक नहीं है कि लॉकडाउन के फैसले से इंफेक्शन के केस रुके हैं, लेकिन बुनियादी बात ये है कि आप ऐसे देश को कब तक रोक सकते हैं.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को बताना चाहिए कि उसने कोरोना के खिलाफ क्या योजना बनाई है. इस आपदा में केंद्र की योजना नहीं होगी तो राज्यों की योजना नहीं होगी. अगर राज्यों की योजना नहीं होगी तो जिले स्तर पर कुछ नहीं हो पाएगा. कोरोना के खिलाफ हमें जमीनी स्तर पर लड़ाई लड़नी होगी. एक क्षेत्र में ग्रीन जोन अगर रेड जोन में बदला जाता है तो उसका फैसला वहां के प्रशासनिक अधिकारी करेंगे, ना कि केंद्र सरकार. ये चीज समझनी होगी.

लॉकडाउन हटाने के जवाब में उन्होंने कहा कि इस वक्त हमें साहस और हिम्मत से काम लेना है. लॉकडाउन पर कोई भी फैसला नाप-तोल कर लेने की जरूरत है. क्योंकि इससे बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है. साथ ही प्रवासी मजदूरों के बारे में सोचते हुए फैसला लेने की जरूरत है. लॉकडाउन से केस रुके जरूर हैं, लेकिन हमें हेल्थ सेक्टर पर ध्यान देने की जरूरत थी, ताकि आगे स्थिति बिगड़ने पर चीजों को संभाला जा सके.

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