नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने सिख दंगों को लेकर कहा कि दोषियों पर कांग्रेस ने कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि दोषियों को संरक्षण देने का काम किया. वहीं निर्भया के दोषियों को फांसी दिए जाने में हो रही देरी को लेकर आप सरकार पर हमला बोला. केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि देश को झकझोरने वाले निर्भया केस के दोषी आज तक फांसी पर नहीं लटके, इसका एकमात्र कारण दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार की लापरवाही है. उच्चतम न्यायालय ने उनकी अपील 2017 में ही खारिज कर दी थी और उन्हें फांसी की सजा दी थी.
उन्होंने कहा कि लेकिन एक प्रक्रिया के तहत तिहाड़ जेल प्रशासन दोषियों को एक नोटिस देता है कि अब आपको कोई दया याचिका या अपील दाखिल करनी है तो कर लो, अन्यथा फांसी हो जाएगी. लेकिन उन्हें ये नोटिस 2.5 साल तक दी ही नहीं गयी, ये देरी उन अपराधियों से दिल्ली सरकार की सहानुभूति को दर्शाती है.
जावडे़कर ने कहा कि आज जस्टिस ढींगरा कमीशन ने अपनी रिपोर्ट दी है और रिपोर्ट में सच्चाई सामने आयी है. उन्होंने साफ किया है कि 1984 के सिख नरसंहार के दोषियों पर कांग्रेस ने कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि दोषियों को संरक्षण देने का काम किया. इस रिपोर्ट में दो-तीन बातें सामने आईं हैं.
उन्होंने ने कहा कि रिपोर्ट में मुख्य निष्कर्ष ये है कि इस नरसंहार की सही जांच हुई ही नहीं. जिसमें करीब तीन हजार सिखों को जिंदा जलाया गया, घरों को लूटा गया, जलाया गया और तब के प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने इसका समर्थन किया था.
जावडे़कर ने कहा कि रिपोर्ट में एक उदाहरण देते हुए बताया गया कि सुल्तानपुर में दंगों से संबंधित करीब 500 घटनाएं हुईं. इसमें सैकड़ों लोग मारे गए, घर जलाए गए, लूटपाट हुई. लेकिन 500 घटनाओं की सिर्फ एक ही एफआईआर हुई और एक एफआईआर की जांच के लिए सिर्फ एक ही कर्मचारी लगाया गया. उस समय के प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी ने हिंसा का समर्थन करते हुए कहा था कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती ही है.
जावडे़कर ने कहा कि तीन हजार सिखों का कत्ले आम हुआ और उसके बाद कांग्रेस का ये रवैया इससे ये साफ पता चलता है कि कांग्रेस का हाथ कत्ल करने वालों के साथ है.

