चतरा: यह घटना चतरा जिला अंतर्गत नक्सल प्रभावित कुंदा थाने की है. दरअसल अचानक हुई तेज बारिश से बचने के लिए मां- बेटी अपने ही निर्माणाधीन पीएम आवास में छुप गई, जहां अचानक हुई वज्रपात की घटना में मां की झुलस कर मौत हो गई. किंतु इस घटना में बेटी बाल- बाल बच गई.
इधर शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को उनके घर से 2 किलोमीटर पीछे ही रुकना पड़ा, क्योंकि रास्ते में बिना पुल की एक उफनती नदी तथा पगडंडियों के कारण पुलिस वाहन के न पहुंचने से परिजनों को मां के शव को खटिए पर लादकर नदी पार करते हुए तकरीबन 2 किलोमीटर पैदल चलकर सड़क पर खड़ी पुलिस वैन तक लाना पड़ा.
चतरा जिला का नक्सल प्रभावित सुदूरवर्ती कुंदा प्रखंड में निर्माणाधीन पीएम आवास पर हुए वज्रपात में जहां मां की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, वहीं उसकी बेटी बाल-बाल बच गई. थाना क्षेत्र के सिकीदाग पंचायत के कोजरम गांव में वज्रपात से ललेश गंझू की 35 वर्षीय पत्नी कौशल्या देवी की मौत हो गयी. जबकि घटना स्थल पर मौजूद मृतक की चार वर्षीय पुत्री पुनिता कुमारी सही सलामत बच गई.
पुत्री को शरीर में एक खरोच तक नहीं पहुंचा. मृतिका के पति ने बताया कि लुपुगड़ा गांव में सरकार द्वारा मिले पीएम आवास का कार्य चल रहा था. सभी मजदूर घर जा चुके थे. इसी बीच तेज बारिश शुरू हो गयी. जिससे बचने के लिए उसकी पत्नी व पुत्री उसी आवास में रुक गई. इसी बीच अचानक वज्रपात हुआ और पत्नी की मौत हो गयी. जिसके बाद पुलिस ने परिजनों के सहयोग से शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया.
लेकिन शव को अस्पताल भेजने में भी परिजनों की जमकर फजीहत हुई. परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. रास्ते मे पड़ने वाले बगैर पुल की नदी का जल स्तर बढ़े रहने के वजह से गांव तक पुलिस वाहन नहीं पहुंच सकी.
ऐसे में मृतक के पति व देवर ने शव को चार पाई पर रख कर उफनती नदी के पानी में डूबकर करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक शव को पहुंचाया. इसके बाद शव को वाहन में रखकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा जा सका.
ग्रामीणों ने बताया कि कई माह से नदी पर बन रहे पुल निर्माण का कार्य बंद हैं. गांव के लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार कर आना जाना करते हैं. इधर, मुखिया ने पीड़िता परिवार को सरकार द्वारा दिये जाने वाली हर योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया है.

