रांची: रांची जिले के ओरमांझी प्रखंड की फुदकी देवी हुनर के बल पर इलाके में अपनी पहचान बना रही हैं. लाह की चूड़ी का निर्माण कर वे आत्मनिर्भरता की राह पर चल पड़ी हैं.
आग में तपने के बाद सोने में चमक आती है. ठीक उसी प्रकार फुदकी देवी के हाथों से आग में तपने के बाद लाह आकर्षक रूप लेने लगता है. फुदकी देवी बताती हैं कि हुनर के बल पर वे अपना घर परिवार बेहतर तरीके से चला रही हैं. उन्हें इस बात की और अधिक खुशी है कि लाह की चूड़ी निर्माण के सिलसिले में दूर-दराज तक उनकी पहचान बन रही है.
शहर की चमक-धमक से दूर रहने वाली फुदकी देवी प्रधानमंत्री की बातों को बहुत ही गौर से सुनती और समझती हैं. इनका मानना है कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत और वोकल फोर लोकल के संदेश का व्यापक असर देखने को मिल रहा है.
फुदकी देवी के जीवन में आए बदलाव के पीछे महिला स्वयं सहायता समूह का भी सराहनीय प्रयास रहा है. राज्य आजीविका मिशन की सविता देवी कहती है कि वर्तमान समय में महिलाओं के उत्थान पर सरकार का विशेष फोकस है. स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं को कई तरह की सहायता मिलती है जिसका लाभ उठाकर वे अपने पैरों पर खड़ी होती हैं.
फुदकी देवी को लाह चूड़ी निर्माण में सरकार से लेकर समाज तक का भरपूर सहयोग मिला है. अपने अच्छे अनुभव को वे दूसरी महिलाओं तक भी साझा करती हैं. अन्य महिलाओं को काम से जोड़कर उन्हें स्वावलंबी बनाने का प्रयास भी करती हैं.

