रंजना कुमारी,
रांची: झारखंड राज्य महिला आयोग ने एक साल में बलात्कार के 82 मामलों में स्वत: संज्ञान लिया. पीड़ितों को न्याय दिलाने की पहल की. दोषियों को सजा दिलाने के लिए कदम उठाये. यह जानकारी आयोग की अध्यक्ष कल्याणी शरण ने बीएनएन भारत से खास बातचीत में दी.
कल्याणी शरण ने बताया कि एक जनवरी से 15 दिसंबर, 2019 तक आयोग द्वारा बलात्का्र के 82 मामलों में संज्ञान लिया गया. इसके अलावा कई अन्य मामलों में आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में 388 मामलों में आयोग द्वारा स्वत: संज्ञान लिया गया था. इसमें 75 मामलों का जांच प्रतिवेदन आयोग को मिल चुका है.
कल्याणी शरण ने कहा कि एक जनवरी से 15 दिसंबर, 2019 तक आयोग में 959 मामले दर्ज हुए थे. ये मामले घरेलू हिंसा, दहेज-प्रताड़ना, यौन शोषण, डायन-बिसाही और ठगी से संबंधित हैं. आयोग ने मानव तस्करी से संबंधित मामलों में कई महिला और लड़कियों को रेसक्यू कर छुड़ाया. चार लड़कियों को सूरत से रेसक्यू कर लाया गया. इसी तरह दिल्ली से दो लड़कियों को लाया गया. घटना की सूचना मिलने पर आयोग की टीम ने कई जगहों का स्थल निरीक्षण तक किया.
उन्होंने बताया कि आयोग में विभिन्न विश्वविद्यालय, लॉ कॉलेज के विद्यार्थियों को मानव व्यापार, घरेलू हिंसा, डायन-बिसाही, महिला प्रताड़ना आदि विषयों पर इंटर्नशिप कराया जाता है. बीते साल छह छात्राओं ने इंटर्नशिप की.

