BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

जानवरों के लिए लॉकडाउन बना काल: भूख से हुई 4 बंदरों की मौत

by bnnbharat.com
April 1, 2020
in समाचार
जानवरों के लिए लॉकडाउन बना काल: भूख से हुई 4 बंदरों की मौत
Share on FacebookShare on Twitter

हरियाणा: कोरोना लॉकडाउन के चलते देश के अधिकांश हिस्सों की तरह गुरुग्राम के सोहना शहर के गली-मोहल्लों व बाजारों में भी सन्नाटा पसरा है.

इससे बेजुबान बंदरों को भोजन तक नहीं मिल पा रहा है. नतीजतन तीन दिन में चार बंदरों की मृत्यु हो चुकी है. कोरोना वायरस के प्रकोप से देशभर में लॉकडाउन चल रहा है.

Also Read This: प्रियंका गांधी ने कहा, कोरोना को लेकर कांग्रेस सरकार का इंतजाम शानदार

इस दौर में प्रवासियों के पलायन को रोकने व मेहनतकश और गरीब लोगों को दो वक्त का भोजन मुहैया कराने के लिए प्रशासनिक अमले व कई सामाजिक संगठनों ने अपनी सेवाएं देनी प्रारम्भ की हैं, पर दुकानें न खुलने से बंदरों को खाने को नहीं मिल रहा है.

सोहना के वार्ड-19 के निवासी गिर्राज खटाना ने बताया कि भूखे रहने के कारण बंदरों का मिजाज बदल गया है. प्रातः काल व शाम के समय कुछ बंदर आबादी क्षेत्र में नजर आते हैं.

रास्तों में पैदल जाने वालों पर खीझते हैं. मकानों के छज्जों पर बैठे बंदर दरवाजा खोलने के साथ ही झपटते हैं. उनका बोलना है कि बंदरों का ऐसा स्वभाव पहले नहीं देखा.

बंदरों को भोजन न मिलने से शहर की नालियों में खाना तलाशते इन्हें देखना आम होता जा रहा है. भोजन न मिलने से इनकी गतिविधियों में परिवर्तन देखा जा सकता है.

सोहना में दवा की दुकान चलाने वाले दुकानदार कार्तिक ने बताया कि अन्न मंडी से लगते मंदिर के पास चार बंदरों की मृत्यु हो चुकी है. उनका अनुमान है कि भोजन न मिलने से उनकी मृत्यु हुई होगी.

हालांकि इधर, उन्होंने व उसके 3-4 दोस्तों ने तीन दिन से बंदरों को 25 से 30 दर्जन केले दिए हैं पर यह संख्या कम है.

 

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

प्रियंका गांधी ने कहा, कोरोना को लेकर कांग्रेस सरकार का इंतजाम शानदार

Next Post

गर्भवती ने दो मासूमों के साथ खुद को लगाई आग, मौत

Next Post
गर्भवती ने दो मासूमों के साथ खुद को लगाई आग, मौत

गर्भवती ने दो मासूमों के साथ खुद को लगाई आग, मौत

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d