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भाजपा सरकार ने पथनिर्माण के क्षेत्र में किए ऐतिहासिक कार्य : समीर उरांव

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रांचीः भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश उपाध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद ने मीडिया बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि विकास के लिए मजबूत आधारभूत संरचना अत्यंत आवश्यक है. सड़कों से विकास के मानक तय होते हैं. गुणवत्तायुक्त सड़कों का जाल बिछा हो तो राज्य में आर्थिक समृद्धि की नींव पड़ती है. यही वजह है कि मुख्यमंत्री रघुवर दास की प्राथमिकता में सड़कों का अधिक से अधिक निर्माण करना शामिल है.

उन्होंने बताया कि 2014 तक हुई प्रगति की तुलना में पिछले साढ़े चार साल में सड़क, पुल आदि सभी क्षेत्रों में लगभग दो से ढ़ाई गुना की वृद्धि हुई है. पिछले साढ़े 4 साल में राज्य योजना से 5950 किमी सड़कों का निर्माण, पुर्ननिर्माण या मरम्मति हुई है, जबकि केंद्रीय पथ निधि से 246 किमी तथा एनएच के तहत 964 किमी सड़क का निर्माण हुआ है और राज्य योजना से 131 उच्चस्तरीय पुलों का कराया गया है.

वर्तमान में प्रतिदिन 3.26 किलोमीटर की सड़कें बन रही है, जबकि 2014 से पहले निर्माण कार्य की गति महज 1.55 किलोमीटर प्रतिदिन के हिसाब से थी. इस दौरान सड़कों की लंबाई में 4233 किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है अर्थात 2014 में जहां सड़कों की लंबाई 8503 किलोमीटर थी वो अब बढ़कर 12737 किलोमीटर हो गई है, जबकि 2014 तक केवल 3103 किमी की बढ़ोतरी हुई थी.

टूरिस्ट सर्किट के अंतर्गत आनेवाले क्षेत्रों में सड़क निर्माण है सरकार की प्राथमिकता

झारखंड के टूरिस्ट सर्किट में आनेवाले क्षेत्रों की सड़कों को बेहतर बनाने को प्राथमिकता दी जा रही है. इसके अंतर्गत रजरप्पा जाने वाली सड़क का चौड़ीकरण, देवघर- वासुकीनाथधाम- तारापीठ, पलामू-महुआडांड सड़क के मरम्मतीकरण के साथ पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण और मरम्मत का काम प्रगति पर है.

800 किलोमीटर सड़कों का होगा रोड सेफ्टी आडिट

सड़क सुरक्षा को लेकर भी सरकार गंभीर है. सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिन्हित किए गए ब्लैक स्पॉट को ठीक किया जा रहा है. इसके साथ पहले चरण में 800 किलोमीटर सड़क का रोड सेफ्टी आडिट कराया जा रहा है. रांची-टाटा रोड के काम में तेजी लाने के लिए इसे चार हिस्सों में बांटा गया है. इसके काम पर पूरी नजर बनी हुई है और इसे अगले 15 माह में पूरा करा लिया जाएगा.

भारतमाला योजना को लेकर भी सरकार गंभीर

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भारतमाला योजना के अंतर्गत संबलपुर-रांची और रायपुर-धनबाद रोड को केंद्र की स्वीकृति मिल चुकी है. उन्होंने बताया कि राज्य के 19 आकांक्षी जिलों में सड़कों के निर्माण, मरम्मत या पुर्ननिर्माण सरकार की प्राथमिकता में है. रांची रिंग रोड के सेक्शन 3,4,5,6 और 7 का कार्य पूर्ण हो चुका है. रांची-पतरातू डैम रोड, पतरातू डैम- रामगढ़ रोड, चाईबासा-कांड्रा-चौका रोड, आदित्यपुर-कांड्रा रोड पर भी परिचालन शुरु हो चुका है.

इसके अलावा ईएपी के अंतर्गत दुमका-हंसडीहा रोड, पचंबा-जमुआ-सारवां रोड, गोविंदपुर-टुंडी-गिरिडीह रोड और खुंटी-तमाड़ रोड का निर्माण कार्य प्रगति पर है.

रेलवे ओवरब्रिजों पर खर्च किए जाएंगे 931 करोड़ रुपए

झारखंड में रेलवे मंत्रालय और झारखंड सरकार के सहयोग से 47 ओवरब्रिजों का निर्माण होना है. इसमें से 27 ओवरब्रिज परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है. इन 27 ओवरब्रिजों के निर्माण पर 931 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. इसमें दो ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 21 का निर्माण कार्य प्रगति पर है. इसके अलावा तीन रेलवे ओवरब्रिज की स्वीकृति इस साल फरवरी में दे दी गई है.

2019-20 के लिए 21 सड़कों के निर्माण को स्वीकृति

राज्य सरकार ने 2019-20 के लिए 21 सड़कों के निर्माण को स्वीकृति दी है, इनमें से कई सड़कों का निर्माण कार्य प्रारंभ भी हो चुका है. इसके अंतर्गत लगभग 563 किमी सड़कें बनाई जाएंगी. इसके अलावा स्टेट हाइवे अथॉरिटी की ओर से लगभग 859 किमी सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है.

अगले पांच वर्षों(2020-21 से 2024-25) में पथनिर्माण की रूपरेखा

अगले पांच वर्षों में 6000 किलोमीटर में पथों का निर्माण कराया जाएगा. जिसमें झारखंड से दूसरे राज्यों को जोड़ने वाले, झारखंड में स्थित जिलों को जोड़ने वाले सहित जिले के अंतर्गत आनेवाले गांव एवं शहरों के पथ समाहित किए गए हैं. जिससे औद्योगिक एवं पर्यटन के क्षेत्रों में समुचित विकास हो सके. इसके अलावा 150 नए पुल तथा 15 नए बाईपास का निर्माण का भी लक्ष्य रखा गया है.

ajmani