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हलवा सेरेमनी के साथ शुरू हुई बजट की तैयारियां ,1 फरवरी को संसद में पेश होगा बजट

नई दिल्ली:- दुनिया भर में फैले कोरोना महामारी का असर इस बार भारत के बजट कार्यक्रम में भी देखने को मिल रहा है. हालांकि, वित्त मंत्रालय द्वारा आज (शनिवार) को पारंपरिक हलवा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा.

यह कार्यक्रम केंद्रीय बजट दस्तावेजों के प्रकाशन की प्रक्रिया से पहले हर साल की जाती रही है. इस साल कोरोना महामारी की वजह से इस कार्यक्रम के न होने की आशंका थी, लेकिन बाद में सरकार ने फैसला लिया कि आज के दिन इस कार्यक्रम को धूमधाम से मनाया जाएगा.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा ये लोग भी हलवा कार्यक्रम में शामिल होंगे-

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को आगामी वित्त वर्ष का केंद्रीय बजट पेश करेंगी. इससे पहले 23 जनवरी को इस कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है. इस साल नार्थ ब्लॉक में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, वित्त मंत्रालय के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे.

टीओआई रिपोर्ट की मानें तो पिछले साल की तुलना में कम लोग ही इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. हर साल की तुलना में छोटे स्तर पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है.

73 साल में अलग क्यों है यह बजट?

मिल रही जानकारी के मुताबिक, कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से इस बार केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने बजट में कई अहम बदलाव किए हैं. तभी तो 73 साल में ऐसा पहली बार होने जा रहा है, जब बजट की छपाई नहीं होगी.

इसका अर्थ है कि माननीय सांसदों को बजट के पोथा के बदले साफ्ट कॉपी से ही संतोष करना होगा. साथ ही बता दें कि आम लोगों और पत्रकारों के लिए तो बजट का कॉपी का छापना कई साल पहले ही बंद किया जा चुका है.

मंत्रालय के तहखाने में पहले की तुलना में कम लोग रहकर काम करेंगे-

बता दें कि हर साल हलवा कार्यक्रम के बाद पहले की तुलना में कम कर्मचारी वित्त मंत्रालय के नॉर्थ ब्लॉक में स्थित कार्यलाय के बेसमेंट में अगले 8 से 9 दिनों के लिए अपने घर-परिवार से पूरी तरह दूर एक साथ रहेंगे. पहले 100 के आसपास कर्मचारी यहां रहकर बजट निर्माण की प्रक्रिया में लगते थे, तो इस साल यह संख्या 40 के आसपास होगी.

इन कर्मचारियों को प्रेस से बाहर निकलने की इजाजत देने का मतलब है बजट के लीक होने की आशंका. सूत्रों के मुताबिक इन तमाम पहलुओं को देखते हुए इस बार इकोनोमिक सर्वे और बजट को सॉफ्ट कॉपी में ही संसद में पेश किया जाएगा.