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भारत-पाकिस्तान इस तरह संबंध सुधारने में जुटे हैं, क्या मिलेगी सफलता ?

बीएनएन डेस्क : भारत-पाकिस्तान के बीच हाल के समय में रिश्तों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला हैं. जहां एक ओर दोनों मुल्क लाइन ऑफ कंट्रोल पर संघर्षविराम को लेकर सहमत हुए हैं. वहीं, दूसरी ओर पाकिस्तान के भारत से कपास और चीनी नहीं आयात करने के फैसले से दोनों के रिश्तों में थोड़ा तनाव देखने को मिला है. हालांकि, इन सब के बाद भी इस्लामाबाद में कुछ लोगों का मानना है कि पिछले कुछ दिनों में रिश्तों में हुए उतार-चढ़ाव के बाद भी भारत के रिश्ते स्थिर हैं.
पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आर्थिक समन्वय समिति ने संघीय कैबिनेट की बैठकों से पिछले हफ्ते उत्पन्न हुए नफरत भरे परिणाम देखने को मिले हैं. इससे भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में थोड़ा सा तनाव आया है. हालांकि, इन जानकारों का मानना है कि भले ही दोनों मुल्कों के रिश्तों में थोड़ा सा तनाव उत्पन्न हुआ है, लेकिन इसने रिश्तों को डिरेल नहीं किया है. इस आत्मविश्वास का एक कारण यह भी है कि बैकचैनल बातचीत की शांति प्रक्रिया में दोनों पक्षों ने बहुत अधिक समय और प्रयास का निवेश किया है.
अनुच्छेद 370 के हटने से बंद हुई दोनों मुल्कों के बीच बैकचैनल बातचीत
उच्च सूत्रों की माने तो भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत की ये प्रक्रिया 2018 में शुरू हुई थी. दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक-दूसरे से संपर्क करना शुरू किया. इसके पीछे की मंशा लंबे समय से चले आ रहे तनाव को खत्म करना था. ये प्रक्रिया अगस्त 2019 तक चलती रही, लेकिन इस दौरान भारत ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया और राज्य को दो हिस्सों में बांट दिया. भारत के इस कदम से पाकिस्तान में खलबली मच गई और दोनों मुल्कों के बीच बातचीत बंद हो गई.
2020 में फिर शुरू हुई बातचीत
भारत और पाकिस्तान ने एक बार फिर 2020 के बसंत में अपनी बैकचैनल बातचीत को शुरू किया. सूत्रों ने बताया कि दोनों मुल्कों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत और पाकिस्तान के बाहर कई जगहों पर मुलाकात की. इस मुलाकात को कई प्रमुख देशों ने प्रोत्साहन भी दिया. इन मुल्कों ने भारत-पाकिस्तान से कहा कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी बातचीत को जारी रखे, जिससे शांति कायम रहे. इन बैठकों का ही नतीजा रहा कि दोनों मुल्क कई मुद्दों पर एक साथ साथ आए.
जनरल बाजवा ने दोहराई शांति की बात
दोनों मुल्कों के बीच हुई इसी बातचीत का ही नतीजा है कि भारत और पाकिस्तान की सेनाएं LOC पर संघर्षविराम को राजी हुई हैं. हाल ही में पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कहा कि हमें लगता है कि अब अतीत को दफन कर आगे बढ़ने की जरूरत है. लेकिन इसके लिए एक बेहतर वातावरण बनाने की जरूरत है. वहीं, इमरान खान की सरकार ने हाल ही में भारत से कपास और चीनी को आयात करने का निर्णय लिया, लेकिन एक दिन बाद ही वह निर्णय से पलट गई. हालांकि, इसके बाद भी माना जा रहा है कि बैकचैनल बातचीत से दोनों मुल्कों के बीच रिश्ते सामान्य हो सकते हैं.