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शांति के लिए भारत की मध्यस्थता हमें स्वीकार्यः ईरान

विश्व की शांति बनाए रखने के लिए भारत की पहल श्रेष्ठः अली चेगेनी

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नई दिल्लीः ईरान ने कहा है कि ‘अमरीका से तनाव कम करने में भारत की किसी भी शांति की पहल का हम स्वागत करेंगे’. दिल्ली में ईरानी राजदूत अली चेगेनी ने कहा कि दुनिया में शांति बनाए रखने में भारत अच्छी भूमिका निभाता है.

साथ ही व्हाईट हाउस से खबर है कि  ईरान के साथ शांति चाहते हैं डॉनल्ड ट्रंप और इसी के साथ टलती दिख रही तीसरे जंग की आहट. बता दें कि ईरान के शीर्ष कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से दोनों देशों के बीच जारी तनातनी से जिस तीसरे विश्वयुद्ध की आशंका जताई जा रही थी, ट्रंप के शांति संदेश से फिलहाल वह टल गई है.

इसे पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए अहम कदम माना जा रहा है. इराक में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के मिसाइल हमलों के बाद राष्ट्रपति के देश के नाम संबोधन पर सबकी निगाहें थीं. माना जा रहा था कि ट्रंप कुछ बड़ा ऐलान कर सकते हैं लेकिन अपने इस संबोधन में वह बेहद शांत मुद्रा में दिखाई दिए.

ट्रंप ने ईरान के साथ शांति की पेशकश की और कहा कि ईरान के हमले का जवाब देने के लिए दूसरे विकल्प देख रहे हैं व आर्थिक प्रतिबंध लगाकर दंडित करेंगे.  तीसरे विश्वयुद्ध की सुगबुगाहट ट्रंप के शांति संदेश से फिलहाल टल गई है.

इसे पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए अहम कदम माना जा रहा है. ईरानी नेताओं और लोगों को सीधा संदेश देते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका उन सभी के साथ शांति के लिए तैयार है, जो शांति चाहते हैं. उन्होंने कहा, ‘ईरान के नेताओं और लोगों के लिए, हम चाहते हैं कि आपका शानदार भविष्य हो जिसके आप हकदार हैं.’

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बता दें कि अमेरिका के ड्रोन हमले में कासिम सुलेमानी की मौत पर पलटवार करते हुए ईरान ने बुधवार अल सुबह  ईराक के दो बेस पर 22 मिसाइल दागी थीं और 80 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया था. हालांकि अमेरिका ने ईरान के दावे को खारिज करके कहा कि हमले में स्ट्रक्चरल डैमेज हुआ और किसी भी अमेरिकी की जान नहीं गई.

डॉनल्ड ट्रंप ने भी ईरान के हमले पर ट्वीट किया- ‘ऑल इज वेल.’ उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के मिलिट्री बेसों पर बेहद कम नुकसान हुआ और हमले में किसी अमेरिकी की जान नहीं गई. अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान में विशेषज्ञों की उस राय से सहमति दिखाई दी जिसमें कहा गया कि ईरान ने जानबूझकर ऐसा लक्ष्य चुना जहां कम नुकसान हो और चेतावनी का संदेश जाए.

मिसाइल अटैक के जरिए एक ही समय में दो चालें चली. एक तरफ मिसाइल अटैक से अमेरिका को ज्यादा नुकसान नहीं भी हुआ, साथ ही अपने देश में संदेश देने का काम भी किया. ट्रंप ने कहा कि ईरान नरम होता प्रतीत हो रहा है, जो कि सभी पक्षों के लिए अच्छी बात है.

ट्रंप ने यह भी कि वह ईरान को जवाब देने के लिए विकल्पों को देखेंगे और आर्थिक प्रतिबंध लगाकर ईरान को दंडित करेंगे. इससे पहले इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सफाई देते हुए ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने कहा था कि ईरान ने आत्मरक्षा के लिए मिसाइल दागी हैं.

उन्होंने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत आत्मरक्षा के लिए मिसाइल दागी गईं.’ उन्होंने आगे कहा कि वह युद्ध या तनाव को नहीं बढ़ाना चाहते हैं लेकिन किसी तरह के हमले से खुद को बचाना चाहते हैं. हालांकि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई ने इसे अमेरिका के घमंड पर तमाचा बताया.

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