Ranchi:प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार शुक्ल ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को ई मेल भेजकर राज्य में धार्मिक स्थलों को भी सामाजिक दूरी का कड़ाई से पालन करते हुए खोलने का निर्देश देने का आग्रह किया है.
शुक्ल ने लिखा है कि झारखंड में कोरोना का प्रकोप तेजी पर है ऐसे में सतर्कता आवश्यक है लेकिन राज्य में साढ़े 5 महीने से अधिक समय से मंदिर, मठ सहित सभी धर्मों के धार्मिक स्थल बंद है देवी देवताओं की नियमित पूजा तो पुजारी करते है लेकिन सामान्य लोंगो को पूजा करने की अनुमति नही है. मन्दिर, मठो में जहा व्यवस्था संचालन में आर्थिक कठिनाई हो हो रही है वही मंदिर के देख रेख में लगे श्रद्धालुओं और साफ सफाई में लगे मजदूरों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. उनके सामने भुखमरी की स्थिति व्याप्त हो गयी है.
शुक्ल ने कहा है राज्य सरकार चाहे तो पूरी सतर्कता, सजगता, और जागरूकता के साथ सामाजिक दूरी के पालन के स्पष्ट निर्देश के साथ धार्मिक स्थलों को खोलने का निर्देश दे सकती है. इससे श्रद्धालु मंदिरों, मठो और अन्य धार्मिक स्थलों में पूजा कर सकेंगे और मंदिर, मठो की व्यवस्था भी सुचारू रूप से चल पायेंगी तथा उनके सामने आर्थिक संकट भी नही आयेगा.
शुक्ल ने कहा है कि जिस प्रकार माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर बाबा बैद्यनाथ और बाबा बासुकीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की एक निर्धारित संख्या में पूजा की अनुमति राज्य सरकार ने दी है उसी प्रकार राज्य के अन्य मंदिर ,मठो पर तथा अन्य धार्मिक स्थलों को अनुमति दी जा सकती है. राज्य सरकार को इस पर विचार करना चाहिए.
शुक्ल ने लिखा है राज्य में इन धार्मिक स्थलों से पुजारियों, साफ सफाई करने वाले मजदूरों के अलावे लाखो लाख लोंग जुड़े है जो वहा रोजगार करते है और उसी पर उनका परिवार आश्रित है. जिनके परिवार के सामने भुखमरी की स्थिति व्याप्त हो गयी है. इसलिए राज्य सरकार को सारी परिस्थितियों की समीक्षा कर इस पर ठोस निर्णय लेना चाहिए ,ताकि सुरक्षित तरीके से कैसे इन धार्मिक स्थलों की व्यवस्था संचालित हो सकती है. यदि तत्काल नही खोला जाता है तो इन धार्मिक स्थलों को और उससे जुड़े लोंगो को राज्य सरकार आर्थिक रूप से मदद करे ताकि वे अपना जीवन यापन परिवार सहित कर सके.

