Ranchi:- पूर्व मंत्री, राजस्व, निबंधन, भूमिसुधार, पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, चंदनकियारी विधायक अमर कुमार बाउरी ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में सरकार के एक वर्ष की विभागवार विफलता को लेकर आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया.
संवादाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने सबसे पहले राज्य की विधि व्यवस्था, महिला सुरक्षा पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि जब देश की राजधानी में निर्भया कांड हुआ तो पूरा देश एक साथ खड़ा हो गया था. उसी तरह की घटना वर्ष 2021 के प्रारंभ में राजधानी रांची के ओरमांझी में घटी, जो राज्य सरकार के लिए रहस्यमय बन गयी है. लेकिन राज्य सरकार कपनी विफलताओं को छिपाने के उद्देश्य से किशोरगंज जैसी घटना की साजिश करती है. फिर भी अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि छावनी में तब्दील किशोरगंज में पुलिस के नाक के नीचे ही एक दलित सफाईकर्मी युवक की हत्या हो जाती है.
उन्होंने बताया कि राज्य में ही जब एक महिला पुलिसकर्मी जब छुट्टी मांगने अपने अधिकारी के पास जाती है तो उसके साथ छेड़खानी जैसी घटना हो जाती है. ऐसी घटना को देलहते हुए कहा जा सकता है कि राज्य सरकार का शासन और प्रशासन दोनों ही कोरोना संक्रमित हो गया है. जो अपने अंतिम चरण में है.
उन्होंने कहा कि विकास का अपना पैमाना होता है, लेकिन वर्तमान सरकार के विषय मव लाह जा सकता है भाजपा सरकार के मुकाबले एक प्रतिशत भी विकास राज्य में नही किया गया. विधि व्यवस्था की बात करे तो राज्य की जनता भगवान के भरोसे है. जनता को खुद से ही अपनी इज्जत और आबरू बचने की जरूरत है.
भूमि सुधार-
पूर्व मंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि भाजपा की सरकार महिलाओं को सशक्त करने के लिए जितनी भी योजनाएं तैयार की थी उन सभी योजनाओं को हेमंत सरकार ने बंद कर दिया है. पूरे देश मे झारखंड ही एक ऐसा राज्य था जहां महिलाओं को आत्मनिर्भर और उन्हें मालिकाना हक देने के लिए मात्रा 1 रुपया में 50 लाख तक कि सम्पति का रजिस्ट्रेशन होता था. इस योजना का लाभ राज्य की करीब 1.5 लाख महिलाओं ने उठाया. इस योजना से महिलाओं का आत्मसम्मान बढ़ा था. लेकिन हेमंत सरकार ने जब सत्ता संभाला तो उस वक़्त से यह योजना राज्य में समाप्त कर दिया गया. जो साबित करता है कि वर्तमान सरकार महिलाओं के लिए कितनी सजग है.
उन्होंने बताया कि राज्य में जमीन राशिद को लेकर कई विसंगतियां 2014 से पहले थी. राज्य के पास 2014 से पहले अपना नक्शा तक नही था, जिसे मैंने खुद बिहार जा कर लाया था. री सर्वे और सर्वे सेटलमेंट का कार्य पायलट प्रोजेक्ट की तरह राज्य में शुरू हुआ. लेकिन उसे भी बंद कर दिया गया. अब हालात ऐसे है कि सत्ता पर आसीन लोगों ने रसीद और म्यूटेशन का दर तय कर दिया है. जमीन को लेकर हत्याएं हो रही है, जमीन मालिकों को डराया धमकाया जा रहा है. जमेवन लूट की छूट सरकार ने दे रखी है.
पर्यटन-
पूर्व मंत्री ने पर्यटन के क्षेत्र में राज्य सरकार की विफलताओं को बताते हुए कहा कि आज हेमंत सोरेन यदि छठ का पर्व मनाने नेतरहाट जा रहे है तो इसका श्रेय भाजपा की सरकार को ही जाता है. नेतरहाट में कैबिनेट की बैठक आयोजित करवा कर उसे राज्य और राष्ट्र स्तर पर एक पहचान दी गयी. शरद महोत्सव के जरिये नेतरहाट को नई पहचान मिली. नई सरकार के गठन से पहले वहां देश और विदेष के पर्यटक वहां की मनोरम छटा को देखने पहुंच रहे थे.
पतरातू लेक के पास विश्व स्तरीय रिसोर्ट से रांची सहित पूरे राज्य और देश भर के पर्यटक आकर्षित हुए. रांची से पतरातू तक का सफर खूबसूरत वादियों वाला है. नव वर्ष के पहले दिन ही वहां हजारों की संख्या में पर्यटक दिखे. यह सब भाजपा सरकार की ही देन है.
उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में ही भाजपा सरकार ने पर्यटन नीति तैयार कर ली थी. धार्मिक पर्यटन में देवघर, वासुकीनाथ आदि जगहों पर विश्व स्तर की सुविधा तैयार की गयी थी साथ ही उसे भारत दर्शन योजना के साथ भी जोड़ा गया. देवघर में दूसरे फेज का कार्य चल रहा है जो भाजपा सरकार ने शुरु किया था. इको टूरिज्म के क्षेत्र में भी भाजपा सरकार ने कई कार्य किये.
उन्होंने बताया कि राज्य के सभी वाटर फॉल और पर्यटन स्थलों पर पर्यटक मित्र के रूप में स्थानीय लोगों को बहाल किया गया लेकिन हेमंत सरकार पर्यटक मित्र का वेतन तक नहीं दे पा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत मुस्लिम, हिन्दू, इसाई आदि सभी धर्म के लोगों को भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार ने तीर्थ करवाया. हमारे मूलवासी संथाली भाईयों के लिए भी लुगुबुरू घंटाबाड़ी में मेला का आयोजन पहली बार बड़े स्तर पर किया गया. माधी मेला, बैजनाथ महोत्सव, भैरवनाथ महोत्सव, रजरप्पा महोत्सव आदि की शुरूआत भी भाजपा की सरकान ने ही किया. लेकिन आज सारे कार्य बंद कर दिये गये है.
उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन तब तक नहीं बढ़ेगा जब तक कि राज्य की विधि व्यवस्था बेहतर नहीं होगी. एक पर्यटक, परिवार के साथ सुरक्षित घूमना चाहता है लेकिन आज यह सब राज्य में इतिहास की तरह हो गया है. पहले पर्यटकों को सुरक्षित आने जाने की सुविधा थी. लेकिन पिछले एक वर्ष में राज्य में कभी भी कहीं भी कोई भी अप्रिय घटना घट जाती है. जिससे पर्यटक झारखंड आने से डर रहे हैं. राज्य में हत्याएं होने से इसका सीधा असर पर्यटन में हो रहा है.
खेल –
खेल के मामले में बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य भर के 1400 छोटे बच्चों को खेलगांव में बेहतर प्रशिक्षण दे कर आगामी ओलिंपिक के लिए तैयार किया जा रहा था. अंडर 14 में हमारे राज्य के खिलाड़ियों ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था. लेकिन आज सब कुछ बंद है. युवा खिलाड़ियों को कोई भी सुविधा नही मिल रही है. गरीब, आदिवासी, दलित समाज के छोटे बच्चे का सपना आज टूटता नजर आ रहा है.
उन्होंने कहा कि मेरे सारे विभाग मुख्यमंत्री के पास है. हमारे द्वारा किया गया ही सारा काम को मुख्यमंत्री आज आगे बढ़ा रहे है.
उन्होंने कहा कि झारखंड की छवि आज धूमिल हो रही है. एक वर्ष में ही देश भर में झारखंड को लेकर नकारात्मक विचार आने लगे है. झारखंड की छवि आज अर्स से फर्स पर आ गयी है. पिछली सरकार ने राज्य को जिस मुकाम तक पहुंचाया था वहीं वर्तमान सरकार ने राज्य को निचले पायदान से भी नीचे पहुंचा दिया है. भाजपा ने तो हेमंत सरकार को समृद्ध झारखंड सौंपा था, जिसे उन्होंने खोखला कर दिया है.
उन्होंने कहा कि 2014 से पहले पर्यटन खेल और कला संस्कृति किसी भी सरकार की प्राथमिकता में नही थी. उन्होंने सरकार से मांग किया कि “खनन नही पर्यटन” को आगे बढ़ने के लिए पहला काम विधि व्यवस्था को दुरुस्त करना है तभी राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.
उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि चिड़ियाघर और बंद पड़े सभी पार्क को खोल दिये जायें ताकि राज्य की जनता जो कोरोना काल में घरों में कैद थी वो खुल कर सांस ले सकें. इससे राज्य को भी राजस्व का फायदा मिलेगा.

