BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

वर्क फ्रॉम होम से बढ़ा साइबर अपराध का खतरा

by bnnbharat.com
March 29, 2020
in Uncategorized
वर्क फ्रॉम होम से बढ़ा साइबर अपराध का खतरा
Share on FacebookShare on Twitter

दिल्ली: कोरोना वायरस के संक्रमण के रोकथाम के लिए वर्क फ्रॉम होम के चलन में अब साइबर हमले के जोखिम में बढ़ोतरी हुई है. बड़े पैमाने पर लोग इंटरनेट के माध्यम से अपने घर से ही दफ्तर का काम कर रहे हैं. एलिया कंसल्टिंग के सीईओ दीपक भवनानी ने कहा कि वर्क फ्रॉम होम के कारण बड़ी व छोटी सभी प्रकार की कंपनियों के लिए साइबर सुरक्षा का जोखिम बढ़ा है.

Also Read This: BREAKING: झारखंड सरकार की बड़ी कार्रवाई, 21 शिकायतवाद को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में किया हस्तांतरित 

कंपनियों के निजी आंकड़ों को कर्मचारी अपने घर से लैपटॉप या घर पर लगे पीसी से एक्सेस कर रहे हैं. संभव है उनमें उसी स्तर का फायरवाल या सिक्योरिटी सिस्टम न हो, जो ऑफिस वाले कंप्यूटर में होता है. इसे देखते हुए कंपनियों के प्रबंधन और आईटी अधिकारियों को अपने डाटा के सुरक्षा जोखिमों पर ध्यान देना होगा. उन्हें डाटा लॉस प्रीवेंशन प्रोसेस की समीक्षा करनी होगी क्योंकि आने वाले समय में इससे उनकी साख प्रभावित हो सकती है.

पालो अल्टो नेटवर्क्स के भारत और दक्षेस कारोबार के रीजनल वाइस प्रेसिडेंट अनिल भसीन ने कहा कि साइबर अपराधी कोरोना वायरस से जुड़ी दहशत का भी लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं. वे ई-मेल स्कैम, फिशिंग और रैंसमवेयर हमले को भी अंजाम दे रहे हैं. साइबर अपराधी कोरोना वायरस की ताजा स्थिति बताने के बहाने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ई-मेल व मैसेज भेजते हैं. उपयोगकर्ता वायरस की ताजा स्थिति जानने के लिए इन्हें खोलते हैं. इनमें लिंक, पीडीएफ, एमपी4 या डॉक्स फाइल के बहाने डिजिटल वायरस वाले फाइल हो सकते हैं.

Also Read This: पांच मिनट में कोरोना टेस्ट, एक अमेरिकी कंपनी ने विकसित किया तकनीक 

टीएसी सिक्योरिटी के संस्थापक और सीईओ तृष्णीत अरोड़ा ने कहा कि साइबर अपराध के कुछ मामले दर्ज भी किए गए हैं. साइबर अपराधी फेक मैप ऑफर कर रहे हैं, जिनसे संक्रमित लोगों को ट्रैक किया जा सके. इसके लिए उपयोगकर्ता मैप जनरेट करने के लिए सॉफ्टवेयर डाउनलोड करना होता है. जिससे साइबर सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है. उन्होंने कहा कि अभी साइबर सुरक्षा कंपनियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है. अभी अलग तरह की साइबर गतिविधियों पर ध्यान दिया जाना चाहिए और तुरंत उस पर कदम उठाना चाहिए.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

हिमांशु मल्होत्रा ने कहा, इस समय मानसिक रूप से मजबूत रहने की जरूरत

Next Post

इस वक्त सेवाएं देने वालों के लिए ‘धन्यवाद’ शब्द कम पड़ जाएंगे: ममता बनर्जी

Next Post
इस वक्त सेवाएं देने वालों के लिए ‘धन्यवाद’ शब्द कम पड़ जाएंगे: ममता बनर्जी

इस वक्त सेवाएं देने वालों के लिए 'धन्यवाद' शब्द कम पड़ जाएंगे: ममता बनर्जी

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d