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पाकिस्तान में कोरोना वैक्सीन की रफ्तार बेहद धीमी, 10 साल में होगा 75% जनता का टीकाकरण

पेशावरः दुनिया में कोरोना वायरस की नई लहर के बाद संक्रमण के मामले फिर से तेजी से बढ़ने लगे हैं.  पाकिस्तान में भी कोरोना केस बढ़ने से हालात खऱाब हैं.  ऐसे में टीकाकरण अभियान भी चलाया जा रहा है लेकिन एक रिपोर्ट ने सरकार के वैक्सीनेशन कैंपेन पर सवाल खड़े कर दिए हैं.  रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस रफ्तार से पाकिस्तान में कोरोना का टीका लगाया जा रहा है, अगर यही गति आगे भी जारी रही तो देश की 75 फीसदी आबादी को वैक्सीन लगाने में एक दशक से भी ज्यादा का समय लग जाएगा.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अन्य विकसित देशों में कोरोना टीकाकरण की रफ्तार पाकिस्तान से काफी अधिक है.  यह रिपोर्ट उस समय सामने आई है, जब पिछले कुछ समय में पाकिस्तान में कोरोना के केस काफी तेजी से बढ़े हैं.  इसके चलते सरकार को लॉकडाउन समेत कई अहम फैसले लेने पड़े हैं.  ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका, ब्रिटेन और इसराईल जैसे देश महज तीन महीने में 75 फीसदी जनता का टीकाकरण करने में सफल होंगे, जबकि पाकिस्तान को इतनी ही आबादी को टीका लगाने के लिए 10 साल लग जाएंगे.  रिपोर्ट के अनुसार, भारत को वैक्सीनेशन के जरिए से तीन साल में ही हर्ड इम्युनिटी हासिल हो सकती है.

नेशनल कमांड एंड ऑपरेशन सेंटर (एसओएसी) के चेयरमैन असद उमर ने ट्वीट कर बताया, ”पाबंदियों को बढ़ाया गया है, लॉकडाउन, एसओपी को लागू किया गया है ताकि कोविड मामलों में रोकथाम की जा सके.  गौरतलब है कि पाकिस्तान में पिछले 24 घंटों में 3953 नए मामले सामने आए हैं.  देश में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 696,184 हो गई है.

उधर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर पिछली दो लहर की तुलना में कहीं अधिक खतरनाक होगी.  उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लोगों ने दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया तो उनकी सरकार सख्त पाबंदियां लगाने को मजबूर हो जाएगी.  खान ने सीधे प्रसारण वाले एक प्रश्नोत्तर सत्र में शामिल होने से पहले राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में यह कहा.  हाल के महीनों में लोगों के साथ इस तरह का यह दूसरा संवाद था.