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जानिए शिकाकाई के औषधीय गुण : वनौषधि 16

by bnnbharat.com
July 15, 2021
in वनौषधि, विज्ञान, वैदिक भारत, समाचार
जानिए शिकाकाई के औषधीय गुण : वनौषधि 16
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शिकाकाई इसे विमल या सप्तला भी कहते है। इसके पौधे का स्वरूप एक फैला हुआ कंटकी गुल्म, शाखाएँ लम्बी पतली, उपशाखाएँ श्वेताभ जिन पर वक्रकाटों की पाँच कतारें होती हैं। पत्ते पक्षाकार संयुक्त पुष्प श्वेत पीतवर्णी या गुलाबी जो गोल मुंडक में होते हैं। फलियाँ लम्बी मांसल तथा बीच-बीच में संकुचित होती हैं।

प्रचलित नाम-

शिकाकाई

वैज्ञानिक नाम –

Acacia concinna

प्रयोज्य अंग-

पत्र एवं फल ।

स्वाद-

तिक्त, अम्ल ।

रासायनिक संगठन-

इसके फलों में सेपोनिन, मैलिक अम्ल, राल, गोंद, रेशे तथा ग्लूकोज पाये जाते हैं।

गुण-

फल, कफ नि:सारक, वातानुलोमक, वामक, उत्तेजक, मूत्रल, पत्र खट्टे, विरेचन, रुचिकर, यकृत उत्तेजक ।

उपयोग-

जीर्ण कफ रोगों में कप पतला करने के लिए, श्वासावरोध कम करने के लिए, कामला में, वमन में, यकृत रोगों में, उदर गुल्म नष्ट होने के लिए, बिच्छू विष में, केश में जूं एवं रुसी होने में, वमन होकर पित्त बाहर निकलता है। जिससे यकृतकी कार्य विधि में सुधार होता है।

जूं तथा रुसी का नाश करने के लिए इसकी फलियों के क्वा से बाल धोने से जूं मर जाती है एवं रुसी साफ होकर बालों में वृद्धि होती है।

बिच्छू विष में इसके पत्रों का सेवन कराने से इस विष का प्रभाव कम हो जाता है।

कफ पतला करने के लिए तथा श्वासावरोध कम करने के लिये इसकी फलियों का फांट (2-4 तोला) बनाकर पिलाना चाहिए । इसके अतिरिक्त मल की शुद्धि होती है तथा गुल्म नष्ट होता है।

यकृत रोगों में भोजन के साथ शिकाकाई के पत्रों एवं काली मिर्च की चटनी बनाकर खाने से यकृत रोग ठीक होते हैं।

वातरोग में इसके फूलों से पकाया हुआ घी का सेवन लाभकारी है ।

इमली के पत्तो के बदले शिकाकाई के पत्तों का प्रयोग किया जा सकता है।

शिकाकाई की फलियों का जल में भिगोकर मसलने से रीठे जैसा झाग बनता है, जिससे केश एवं रेशमी वस्त्र धो सकते हैं।

मात्रा-पत्रों का चूर्ण 2 से 4 माशा ।
फली का फांट 2 से 4 तोला ।

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बबूल के फल, फूल, गोंद और पत्तों के हैं कई फायदे : वनौषधि 15

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औषधि प्रयोग से संबंधित कुछ महत्व जानकारी

Acacia concinna D.C. Syn. A. sinuata (Lour) Merrue MIMOSAE

(IEGUMINOSACEAE)

ENGLISH NAME:- Shikakai. Acacia. Hindi-Shikaki PARTS-USED:-Leaves & Fruits.

DESCRIPTION:- A Scandent spreading spiny shrub, branches are slender and long, sub branches are creamish white with five rows of curved spines. Leaves pinnate compound. Flowers in globose head; yellow-whitish or pink. Fruits abod fleshy, beaked and constricted.

TASTE:-Bitter, acidic

CHEMICAL CONSTITUENTS- Legumes (Fruite) Contains:- Saponin, Malic acid, Resin, Glucose, Gum, Fibers.

ACTIONS:-Fruits Expectorant, Carminative, Emetic, Stimulant Dueretic. Leaves Acidic, Laxative, Appitizer, Liver stimulant.

USED IN:- Chronic Cough, Asthmetic obstruction, Jaundic, Vomiting, Liver disease, Abdominal lump, Scorpion Venom, Lice and Dendriff, Alopecia.

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